मनुष्य का मनुष्य बनना बहुत ही अवश्यक है, चाणक्य जी के अनुसार मनुष्य वह है जो दानी है, शील से सम्पन्न है, शुभ गुणों से सुभूषित है तथा जिसका आचरण श्रेष्ठ है।
स्वामी दयानंद जी ने जवाब दिया की मनुष्य उसे कहा जायेगा जिसके पास मानवता के गुण हो। अब मानवता के गुण के लक्षण क्या होंगे ? दूसरे के सुख दुख को अपना सुख दुख समझना। दूसरे की हानि-लाभ को अपनी हानि-लाभ समझता हो।
अनमोल वचनों का हमारे जीवन में बहुत ही महत्व है यह हमारे जीवन के गूढ़ रहस्यों को सुलझाने के अलावा , जीवन में नई राह भी दिखाते है ।
जिंदगी में एक दूसरे के जैसा होना आवश्यक नहीं है बल्कि एक दूसरे के लिए होना आवश्यक है। मनुष्य यदि अपनी इच्छाओं को घटाकर देखे, तो ख़ुशियों का संसार नजर आएगा।

शरीर के कठिन से कठिन रोग तो मरने के साथ ही समाप्त हो जाते हैं परंतु काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार यह सभी शत्रु मनुष्य के मरने के बाद भी जीव के साथ जाते हैं..

महान लोगों द्वारा दिया गया अनमोल वचन और अलौकिक ज्ञान..

  • सतर्क वही होता है जो बिजली की चमक में भी रास्ता ढूंढ लेता है.!!
  • दुख एक दर्पण होता है जो सब कुछ दिखाता है, सुख एक दर्शक है जो बस देखता है.!!
  • जो मनुष्य अपने को चालाक तथा दूसरों को बेवकूफ समझता है वह धोखा खाता है.!!
  • चार चीजों का सेवन करना चाहिए- सत्संग, संतोष, दान और दया.!!
  • जीवन तभी कष्ट में होता है जब वस्तुओं की इच्छा करते हैं और मृत्यु तभी कष्टदाई होती है जब जीने की इच्छा करते हैं.!!
  • संसार एक वृक्ष है तथा वृक्ष का मूल भगवान है, यदि आप मूल को जल देते हैं तो वृक्ष अपने आप खिल जाता है, पत्तों पर पानी डालने की जरूरत नहीं है.!!
  • दुनिया में सबसे कठिन काम अपने आप को सुधारना और सबसे आसान काम दूसरों में कमियां निकालना है.!!
  • जो दूसरों को हानि पहुंचा कर अपना हित चाहता है वह मूर्ख, अपने लिए दुख के बीज बोता है.!!
  • महत्वपूर्ण यह नहीं कि आपकी उम्र क्या है, महत्वपूर्ण यह है कि आप किस उम्र कि सोच रखते है.!!
  • खुद को पहचानने से अधिक कोई “ज्ञान” नहीं, और माफ़ी से बड़ा कोई दान नहीं.!!
  • श्रद्धा से ज्ञान आता है, विनम्रता से मान आता है,और योग्यता से उच्च स्थान मिलता है.!!
  • जीवन में सब कुछ छोड़ देने के बाद ही सब कुछ मिलता है.!!
  • स्नान से तन की शुद्धि, ध्यान से मन की शुद्धि और दान से धन की शुद्धि होती है.!!
  • जीवन का रहस्य यही है कि सुख से सटो मत और दुखों से हटो मत.!!

शरीर के कठिन से कठिन रोग तो मरने के साथ ही समाप्त हो जाते हैं परंतु काम, क्रोध, लोभ, मोह और अहंकार यह सभी शत्रु मनुष्य के मरने के बाद भी जीव के साथ जाते हैं..

मनुष्य के जीवन में अनमोल वचनों का महत्व और उसके परिणाम
  • सुविधा और सम्मान दूसरों को देना चाहिए, लेने की कामना नहीं रखनी चाहिए.!!
  • स्वार्थ ही विष और त्याग ही अमृत है.!!
  • चरित्रवान व्यक्ति का वैभव कभी कमजोर नहीं होता.!!
  • “समय” का खास होना आवश्यक नहीं, बल्कि खास के लिए “समय” होना जरूरी हैं.!!
  • मानवता के तीन शत्रु है :: जल्दबाजी, चिंता और मिर्च मसाला.!!
  • शब्दों के मूल्य को कम मत समझिए क्योंकि,छोटा सा “हाँ” और छोटा सा “ना” पूरा जीवन बदल देता है.!!
  • विपत्ति में धैर्य नहीं छोड़ना चाहिए बल्कि उसे भगवान की देन मानकर संपत्ति के रूप में स्वीकार करना चाहिए.!!
  • संसार छोड़ने से परमात्मा नहीं मिलता परंतु परमात्मा के मिलने से दुनिया अपने आप छूट जाती है.!!
  • बदलते लोग तथा बदलता समय किसी के नही होते, सच्चे लोग, ना तो नास्तिक होते हैं, ना ही आस्तिक होते हैं, बल्कि सच्चे लोग हर समय वास्तविक होते हैं.!!
  • गुरु से शिष्य की कोई भी बात छुपी हुई नहीं है क्योंकि सागर को मालूम होता है कि बूंद में कितना पानी है.!!
  • जैसा मैं चाहूं वैसा हो जाए, यह इच्छा जब तक रहेगी, तब तक शांति नहीं मिल सकती.!!
  • क्रोध बुद्धि को खा जाता है, घमंड ज्ञान को खा जाता है, प्रायश्चित पाप को खा जाता है, तथा लालच ईमान को खा जाता है.!!
  • विद्या हमेशा निरंतर अभ्यास करने से ही आती है.!!
रोमांटिक शायरी आपकी महबूबा या प्रेमी के लिए हिंदी में
  • जो मनुष्य सबको खुश रखना चाहता है वह किसी को खुश नहीं कर सकता.!!
  • गुरु नानक साहब कहते हैं:: जो तुम देते हो वह तुम्हारा है, जो तुम रखते हो वह तुम्हारा नहीं है.!!
  • मनुष्य जब एक नियम तोड़ता है तो दूसरे नियम अपने आप टूट जाते हैं.!!

धन से पुस्तक प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन बुद्धि नहीं,
धन से मकान प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन परिवार नहीं,
पैसे से मनोरंजन प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन सुख नहीं,
धन से पलंग प्राप्त कर सकते हैं, लेकिन नींद नहीं,
पैसा एक ज़रूरत है ना कि जिंदगी, जरूरत पूरी होने के बाद धन एक फ़ालतू की वस्तु है,
क्योंकि…धन से अस्पताल ख़रीद सकते हैं, लेकिन सेहत नहीं.!!

  • एकाग्र मन मित्र है, चंचल मन शत्रु है.!!
  • जीवन हमेशा जीने के लिए होता है काटने के लिए नहीं.!!
  • जिसको हम सदा अपने पास नहीं रख सकते, उसकी इच्छा करने से और उसको पाने से क्या लाभ.!!
  • मनुष्य का जीवन एक अनमोल अवसर है.!!
  • जो दोष मनुष्य में बाहर से आता है, उसे बाहर भी किया जा सकता है.!!
  • आज की सबसे बड़ी समस्या है कि कोई भी व्यक्ति दूसरों की बात नहीं सुनना ही नहीं चाहता.!!
  • जीवन का विकास, सुख और दुख, दोनों से होता है.!!
  • यदि मनुष्य को जीवन में केवल लाभ ही प्राप्त होता रहे तो उसका अहंकार बढ़ जाता है.!!
  • जीवन मूल्यवान है, धन दौलत नहीं, इसलिए जीवन का हमेशा आदर करो.!!
  • जीवन की गाड़ी में गति के साथ-साथ संयम भी आवश्यक है वरना दुर्घटना निश्चित है.!!
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  • जानकारी को ज्ञान नहीं समझना चाहिए क्योंकि जानकारी कुआँ है और ज्ञान अनन्त महा सागर है.!!
  • दूसरों की बुराई देखने से स्वयं के अंदर बुराइयां पैदा होती है.!!
चाणक्य जी के अनुसार मनुष्य वह जो दानी है,शील से सम्पन्न है, शुभ गुणों से सुभूषित है,जिसका आचरण श्रेष्ठ है,दूसरे के सुख-दुख,हानि-लाभ को अपना सुख दुख समझना
  • स्वयं की अपेक्षा तथा दूसरों की उपेक्षा ही दुखों का मूल कारण है.!!
  • अगर जीवन में मस्ती चाहते हो तो अपनी हस्ती (अहंकार) को मिटा दो.!!
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मनुष्य के जीवन में अनमोल वचनों
  • परिस्थितियों को नहीं बल्कि मन की स्थिति को बदलने का प्रयास करना चाहिए.!!
  • जो बात आपके अनुकूल ना हो उसका विरोध कभी नहीं करें.!!
मनुष्य के जीवन में अनमोल वचनों
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  • जिस बात से आपका और दूसरों का अहित ना हो उसका विरोध ना करें.!!
  • यदि दूसरों को जानने से पहले खुद को जानने का प्रयास करें.!!
चाणक्य जी के अनुसार मनुष्य वह जो दानी है,शील से सम्पन्न है, शुभ गुणों से सुभूषित है
  • प्रेम, करुणा और सहानुभूति के आँसू पवित्र होते हैं.!!
  • अपने स्वभाव का सुधार व्यक्ति खुद ही कर सकता है दूसरे तो केवल आपको राह दिखा सकते हैं.!!
शायरी की आसान परिभाषा
यदि मनुष्य को जीवन में केवल लाभ ही प्राप्त होता रहे तो उसका अहंकार बढ़ जाता है.!!
  • अहंकार मानव को दानव और उदारता मानव को देवता का बनाता है.!!
  • मन सफेद कपड़े की भांति होता है, इसे जिस रंग में डुबाओगे इस पर वही रंग चढ़ जाएगा.!!
जो मनुष्य सबको खुश रखना चाहता है वह किसी को खुश नहीं कर सकता.!!

मृत्यु और समय कभी किसी का इंतजार नहीं करते.!!

उत्तम मनुष्य मान चाहते हैं, मध्यम लोग धन और मान चाहते हैं, अधम लोग केवल धन चाहते हैं.!!
  • इस संसार में अपेक्षा कभी किसी की पूरी नहीं होती तथा आवश्यकता किसी की अधूरी नहीं रहती, क्योंकि हमारी आवश्यकताएं बहुत कम होती है और अपेक्षाएं बहुत अधिक.!!
  • जैसे तन की स्वच्छता के लिए स्नान जरूरी है, वैसे ही मन की स्वच्छता के लिए संपूर्ण जीवों के लिए दया जरूरी है.!!
  • उत्तम मनुष्य मान चाहते हैं, मध्यम लोग धन और मान चाहते हैं, अधम लोग केवल धन चाहते हैं.!!
मनुष्य

जीवन एक नाटक है,अपनी भूमिका अदा करें,,जीवन एक चुनौती है, सामना करें,,जीवन एक गति है, गतिशील रहे,,जीवन एक पहेली है, हल करें,,जीवन एक समस्या है, समाधान करें,,जीवन एक संघर्ष है, सामना करें,,जीवन एक समर्पण है, ज़रूरतमंद की सेवा करें.!!
आप एक यात्री हैं और शिष्टाचार आपका मित्र है.!!

जो मनुष्य अपने को चालाक तथा दूसरों को बेवकूफ समझता है वह धोखा खाता है.!!
  • बुद्धि का काम है जानना, मन का काम है मानना,, अगर मन नहीं माने, तो जानने का कोई अर्थ नहीं है.!!
  • शांति के समान कोई तपस्या नहीं, संतोष से बढ़कर कोई सुख नहीं, तृष्णा से बढ़कर कोई व्याधि नहीं, और दया से बढ़कर कोई धर्म नहीं है.!!
जो मनुष्य अपने को चालाक तथा दूसरों को बेवकूफ समझता है वह धोखा खाता है.!!
  • जो अपने गुणों से प्रसिद्ध होता है वही उत्तम होता है.!!
  • क्रोध को क्षमा से जीतो, मान को विनय से जीतो, कपट को सरलता से जीतो, तथा लोभ को संतोष से जीतो.!!
  • जिसका हृदय पवित्र नहीं, वह धार्मिक नहीं हो सकता,, जिसके अन्दर दया नहीं, वह इंसान भी नहीं हो सकता.!!
ऐसी कोई बात किसी मनुष्य के बारे में मत कहो जिसे आप उसके मुंह पर नहीं कह सकते.!!


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