कोविड-19 बनाम इबूप्रोफेन का इस्तेमाल आपकी जान ले सकता है (जनहित में जारी)।
शरीर कोरोना वायरस का अटैक होने से कोविड-19 के लक्षण दिखने पर आपको घबराने की जरूरत नहीं है।
इस वक्त आपको बहुत ही साबधानी बरतने की जरूरत है।
लेकिन कई लोग को विड 19 के लक्षण दिखने पर घबराहट में या हड़बड़ाहट में या गलत इनफार्मेशन के कारण इबूप्रोफेन की दवाई का सेवन करने लग जाते है।

साबधान रहे इबूप्रोफेन की गोली आपको कोविड-19 के मौत के समुन्द्र में ले जा सकती है।

साबधान रहे इबूप्रोफेन की गोली आपको कोविड-19 के मौत के समुन्द्र में ले जा सकती है।

यहां से मौजूदा हालात को देखते हुए लौटना असंभव है क्यूंकि कोविड-19 का कोई एंटी डोज उपलब्ध नहीं है।
यह जानकारी आपको इसलिए दी जा रही है क्यूंकि फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ओलिवियर वेरॉन (Olivier Véran)
ने जनहित में एक अलर्ट जारी किया है।
उनका दवा है की ऐसे लोग जिनमे कोरोना वायरस के लक्षण नज़र आ रहे हो वे इबूप्रोफेन की गोली बिना डॉक्टर की सलाह से ना ले।

फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री ओलिवियर वेरॉन (Olivier Véran) ओलिवियर वेरान (जन्म 22 अप्रैल 1980) एक फ्रांसीसी चिकित्सक और राजनीतिज्ञ है जो न्यूरोलॉजी में विशेषज्ञता प्राप्त है और 16 फरवरी 2020 से स्वास्थ्य मंत्री हैं।
प्रोफेशनल कैरियर-
वेरन ने ग्रेनोबल-एल्प्स यूनिवर्सिटी अस्पताल में एक न्यूरोलॉजिस्ट के रूप में काम किया।
उन्होंने ग्रेनोबल में एसोसिएशन ऑफ हॉस्पिटल असिस्टेंट के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया है,
जो नेशनल इंटेरसिनल ऑफ हॉस्पिटल इंटर्न के प्रवक्ता हैं,
और Isère के चिकित्सकों के विभागीय आदेश के सलाहकार हैं।

इसकी जगह पारासिटामोल का इस्तेमाल करना बेहतर है।
इबूप्रोफेन की गोली खाने से कोरोना वायरस का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग पहले से इबूप्रोफेन का इस्तेमाल कर रहे है वो डॉ की सलाह ले।
फ्रांस के हेल्थ मिनिस्टर के इस दावे का विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी समर्थन किया है।
आइये जानते है इबूप्रोफेन की टेबलेट का उपयोग कब और क्यों किया जाता है…
इबूप्रोफेन एक ऐसी दवा है जिसका इस्तेमॉल पिछले तीस से भी अधिक सालों से वायरल फीवर में सेल्फ सुरक्षा के रूप में किया जाता जा रहा है।

यह दवा भुखार और शरीर के दर्द को नियंत्रित करने में मदद करती है…

फ़िलहाल फ्रांस के स्वास्थ्य मंत्री किसी व्यक्ति के शरीर पर कोविड-19 के लक्षण दिखने पर इसका सेवन ना करने की सलाह दी है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक एक्सपर्ट का ये कहना है कि यदि आपके शरीर पर कोरोना के लक्षण नज़र आ रहे है,
और आप अपनी मर्ज़ी से कोई दवा ले रहे है तो हम आपको यह सलाह दे रहे कि आप पारासिटामोल का इस्तेमाल करे इबूप्रोफेन का नहीं।

उन्होंने यह भी कहा यदि इस दौरान इबूप्रोफेन की सलाह आपको डॉ ने दी है तो यह उनकी जिम्मेदारी (निर्भर) है।

हाल ही में मेडिकल जनरल लैंसेट में पब्लिश एक रिसर्च में यह दवा किया गया है कि इबूप्रोफेन से बढ़ने वाला एक एंजाइम कोविड-19 के संक्रमण को और ज्यादा बढ़ा सकता है।

इसी रिसर्च को पढ़ने के बाद भी फ्रांस के हेल्थ मिनिस्टर ने ये अलर्ट जारी किया है।
कोरोना के संभावित मरीज इबूप्रोफेन का इस्तेमाल ना करे।
ये दवा लोगो द्वारा बुखार, दर्द, सूजन में मेडिकल से खरीद कर खायी जाती है।
यहां एक बात और ध्यान योग्य है कि यदि आप पारासिटामोल का इस्तेमाल कर रहे है तो इसका भी एक्स्ट्रा डोज ना ले इससे आपके लीवर को नुकसान हो सकता है।
सबसे महत्वपूर्ण ये कि यदि किसी व्यक्ति पर कोरोना वायरस के लक्षण नज़र आते तो उसे तुरंत किसी डिग्री वाले डॉ के पास ले जाये ना कि किसी झोलाछाप डॉ के पास।

साबधान रहे इबूप्रोफेन की गोली आपको कोविड-19 के मौत के समुन्द्र में ले जा सकती है।

भारत सरकार ने भी कोरोना वायरस के लक्षण मिलने पर तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पर सूचना देने को कहा है।स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम तैयार किया गया है।
फोन नंबर 011-23978046 के माध्यम से कंट्रोल रूम में संपर्क किया जा सकता है।
इसके अलावा ncov2019@gmail.com पर मेल करके भी कोरोना वायरस के लक्षणों या किसी भी तरह की आशंकाओं के बारे में जानकारी ली जा सकती है।

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