वायरस एंटीडोट – चीन से लेकर भारत में भी अपने पैर पसार रहे कोरोना वायरस को लेकर थाइलैंड ने एक बड़ा ऐलान किया है।
थाइलैंड का दावा है कि उन्होंने इस वायरस एंटीडोट खोज निकाला है।
थाइलैंड के डॉक्टरों का मानना है कि उन्होंने चीन से आई एक महिला को इस वायरस से मुक्त कर दिया है।
वहां के डॉक्टरों ने एक प्रेस कांफ्रेंस के दौरान कहा कि उन्होंने एक 71 साल की महिला को करोना वायरस से मुक्ति दिला दी है।

थाइलैंड का दावा कोरोना वायरस एंटीडोट खोज निकाला है

डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने इस वायरस का इलाज कॉकटेल से बनाया है।
दावा किया जा रहा है कि इस दवा से 48 घंटों में मरीज़ ठीक हो जाएगा।
कोरोना वायरस से ग्रसित कई लोगों की मौत के बाद दुनिया के बड़े और तकनीकी सुविधाओं से लैस देश इस वायरस की दवा की खोज में लगे हैं।
हालाँकि इससे पहले कि वह कोई कारगर दवाई बना पाते, एक छोटे से देश ने ना केवल नई दवा को ईजाद कर लिया बल्कि दावा किया है कि ये भयानक बीमारी को चंद घंटों में ठीक भी कर सकते हैं।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वायरस एंटीडोट –

चाइना में फैले कोरोना वायरस के प्रकोप ने पूरी दुनिया में दहशत का माहौल बना रखा है।
अब तक 20,980 हजार से ज्यादा लोगों के कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं।
हैरानी की बात यह है कि इनमें से 17 हजार के करीब संक्रमित चीन में ही है।
इसे लेकर WHO ने अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य एमरजेंसी भी घोषित कर दी है।
हालांकि इस बीच एक बड़ी खबर आ रही है कि कोरोना वायरस के लिए दवा बना ली गई है। चीन में अब तक कोरोना वायरस से 426 लोगों की मौत हो चुकी है
थाईलैंड दावा कर रहा है कि इस दवा से 48 घंटों में मरीज़ ठीक हो जाएगा।

वायरस का कहर पूरी दुनिया मौत के साये के नीचे खड़ी है बेबस

एच आई वी की दवा से बनाई कोरोना वायरस एंटीडोट-

सूत्रों के मुताबिक़ थाईलैंड के डॉक्टरों ने इस दवा (कोरोना वायरस एंटीडोट) को कई अन्य दवाओं के मिश्रण से बनाया है।
जिसमें टी-फ्लू ड्रग ओसेल्टामिविर को लोपिनाविर और रिटोनाविर का भी इस्तेमाल हुआ है।
वहीं इस नई दवा को कारगर साबित करने के लिए डॉक्टर लैब में परीक्षण भी कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक़ HIV के इलाज के लिए उपयोग में ली जाने वाले दवाई लोपिनाविर और रिटोनाविर का कोरोना वायरस के इलाज में इस्तेमाल किया जा रहा है।
जिसे अन्य दवाइयों के साथ मिला कर नई दवा बनाई गई है।

मानवता के लिए छोटे से देश की बड़ी सफलता-

जानकारी के मुताबिक़,थाईलैंड के डॉक्टरों ने कोरोना की कारगर दवाई(वायरस एंटीडोट) बनाई है।
इस बारे में थाईलैंड के डॉक्टर क्रिएनसाक अतिपॉर्नवानिच ने बताया कि उन्हें इस दवा को 71 साल की एक महिला मरीज़ पर इस्तेमाल करके देखा गया है।
नई दवा से महिला 12 घंटे में बिस्तर से उठ कर बैठ गई व 48 घंटों में ठीक हो गई।
बताया गया कि मरीज़ महिला हिल भी ना सकती थी, लेकिन अब वह 90 फीसदी तक सेहत मंद हो गई है।
डॉक्टरों का दावा है कि कुछ ही दिन में महिला को पूरी तरीके से ठीक होने के बाद घर भी भेज दिया जाएगा

नोवेल कोरोनावायरस से बचने के लिए उचित सावधानी ही आपका बचाव है

नई दवा का परीक्षण किया है रहा है-

थाईलैंड की सरकार ने वायरस एंटीडोट को अपने केंद्रीय प्रयोगशाला में और मजबूत व सटीक बनाने के लिए भेजा है।
अगर यह दवा प्रयोगशाला के परीक्षणों में सफल उतरती है,
तो इसे कोरोना वायरस की पहली सफल दवाई मानी जाएगी।
ग़ौरतलब है कि थाईलैंड में भी अब तक कोरोना के कुल 19 मरीज़ सामने आए हैं।
इनमें से आठ मरीज़ों को 14 दिनों में ठीक करके उनके घर भेजा जा चुका है।
वहीं अन्य 11 मरीज़ों का इलाज अब भी अस्पताल में हो रहा है।
नई दवा से इन्हें भी ठीक करने का दावा किया जा रहा है।

क्या आलोचना से बेहतर समाज बनाया जा सकता ?

फ्रांस और ऑस्ट्रेलिया के कई समाचारपत्रों की आलोचना उनकी नस्लवादी टिप्पणियों के लिए हो रही है।
दक्षिण कोरियाई वेबसाइटों पर ऐसी अनेक टिप्पणियां आ रही हैं
जिन पर चीन के लोगों को बाहर निकालने या उन पर प्रतिबंध लगाने की मांग हो रही है।
सियोल में समुद्री खाद्य पदार्थ वाले एक रेस्त्रां ने अपने यहां बोर्ड लगाया है- ‘चीनी नागरिकों को प्रवेश नहीं।’
इस पर ऑनलाइन प्रतिक्रिया के बाद इसे हटा लिया गया।
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय ने भी एक इंस्टाग्राम पोस्ट इस संबंध में हटाया है।
वहीं हांगकांग में पहले से ही चीन के खिलाफ भावनाएं प्रबल थीं लेकिन इस बीमारी के बाद यह स्थिति और भी बढ़ गई है।
पिछले सप्ताह हांगकांग की मुख्य कार्यकारी कैरी लाम ने चीन जाने वाली उच्च स्तरीय ट्रेन सेवाओं को रोक दिया था
और उड़ानों की संख्या कम कर दी है।

इंडोनेशिया में लोगों ने चीनी आंगतुकों को होटल से किया बाहर-

चीन में नोवेल कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे के चलते कई रेस्तराओं से चीनी नागरिकों को अपमानित होकर लौटना पड़ रहा है।
दक्षिण कोरिया, जापान, हांगकांग और वियतनाम में कई रेस्तराओं ने चीनी ग्राहकों को सेवा देने से इनकार कर दिया है।
इंडोनेशिया के एक होटल तक स्थानीय लोग मार्च करते हुए गए और चीनी अतिथियों को वहां से चले जाने के लिए कहा।

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