धरती पर जीवन के अस्तित्व को करीब 3.5 अरब साल हुए, पर ये कब तक चलेगा कोई नहीं जनता है।
वैज्ञानिक लगातार पृथ्वी जैसे ग्रहों की खोज करने में लगे हैं, जहां पर जीवन संभव हो सके।

इस सम्पूर्ण ब्रह्मांड में धरती ही एक मात्र ऐसा ग्रह है जहाँ पर जीवन संभव है, फिर भी वैज्ञानिक अनंत ब्रह्मांड के दूसरे ग्रह पर भी जीवन होने की संभावना जाता रहे है और उनकी तलाश भी कर रहे है।
लेकिन फ़िलहाल तो यही सच है की सिर्फ एर्थ पर ही जीवन मौजूद है।
पृथ्वी सूर्य से तीसरे नंबर का ग्रह है।
हमारे ब्रह्मांड में कई सारे ऐसे रहस्य मौजूद है जो आज भी अन सुलझे है।
ठीक इसी तरह हमारी धरती पर भी ऐसे कई सारे अनसुलझे रहस्य है जिसको वैज्ञानिक सुलझाने का प्रयत्न कर रहे है।
धरती पर अनेक ऐसे रहस्य है जब आप खुद जानेंगे तो सोचने पर ज़रुर मजबूर हो जायेंगे, तो ध्यान से देखिए इन रहस्यों को क्या ये सच है?

धरती के कुछ रहस्यमय तथ्य…

  • पृथ्वी के 40 % हिस्से में दुनिया के सिर्फ देशों का कब्ज़ा है।
  • रेडिओमेट्रिक डेटिंग मेथॅड के अनुसार हमारे पृथ्वी की आयु 454 करोड़ साल है।
  • धरती अपने अक्ष (axis ) पर घूमने में 23 घंटे 56 मिनट और 4 .091 सेकंड लगाती है।
  • पृथ्वी को सूर्य से ऊर्जा मिलती है और यही ऊर्जा पृथ्वी की सतह को गरम करती है।
  • पृथ्वी के सारे मनुष्य 1 वर्ग किलोमीटर के घन में समा सकते है। यदि हम एक वर्ग मीटर में एक व्यक्ति को खड़ा करे तो एक वर्ग किलोमीटर में दस लाख व्यक्ति खड़े हो सकते हैं।
  • धरती सूरज का एक चक्कर लगाने में 365 दिन , 5 घंटे और 48 मिनट का समय लेती है।
  • पृथ्वी पर लगभग 71% जल और 29% ज़मीन है।
  • सूरज की ऊर्जा का कुछ भाग पृथ्वी और समुद्र की सतह से टकरा कर वायुमंडल में बदल जाता है।
अंतरिक्ष के गहरे राज
  • पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण इतना ज्यादा है कि कोई भी पर्वत 15000 मीटर से अधिक ऊंचा नहीं हो सकता है।
  • चीन में एयर पॉलुशन इतना ज्यादा है कि स्पेस से देखने पर द ग्रेट वाल ऑफ चाइना भी दिखाई नहीं देती है।
  • धरती पर बहुत बड़ी मात्रा में पानी होने के कारण इसे ‘watery planet ‘ या ‘blue planet ‘ भी कहा जाता है।
  • 2017 की जनगणना के अनुसार, हमारी पृथ्वी की जनसंख्या 740 करोड़ है, जो 2050 तक यह 920 करोड़ हो जाने की सम्भावना है।
  • पृथ्वी को सूर्य की एक एक परिक्रमा करने में लगे समय को सौर वर्ष कहा जाता है।
  • यदि इंसान को बिना किसी सुरक्षा उपाय के स्पेस में छोड़ दिया जाए तो वह केवल 2 मिनट तक ही जीवित रह पायेगा।
  • पृथ्वी पर एक बार सबसे विशाल उल्कापिंड गिरा था, जिसका नाम होबा मीटिऑराइट रखा गया था।
धरती पर एक बार सबसे विशाल उल्कापिंड गिरा था, जिसका नाम होबा मीटिऑराइट रखा गया था।
Hoba Meteorite is thought to have fallen to Earth about 80,000 years ago..

पृथ्वी आकार में पांचवां सबसे बड़ा ग्रह है…

  • पृथ्वी एक मात्र ऐसा ग्रह है जहां जीने के लिए पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन और पानी उपलब्ध है।
  • धरती के 1/3 भाग का 50% स्थान ही इंसानों के रहने योग्य तथा 50% ज़मीन रेगिस्तान, पहाड़, पर्वत और जंगलों से भरा है।
  • आकार और बनावट में पृथ्वी शुक्र ग्रह की तरह है।
  • धरती पर इतना गोल्ड है, जो 1.5 फीट की गहराई तक इसकी पूरी सतह को ढक सकता है।
  • पृथ्वी सूर्य के अपेक्षा बहुत छोटी है।
  • यूँ तो पृथ्वी पर लाखों भूकंप आते रहते हैं, लेकिन 100 तरह के भूकंप ही विनाशकारी होते हैं।
  • पृथ्वी का एकमात्र उपग्रह चंद्रमा है।
  • 12 मील (19 किमी) की ऊंचाई पर प्रेशराइज्ड सूट पहनना जरूरी होता है। वरना मौत हो सकती है।
  • सूर्य में धरती जैसे आकार के 1300000 ग्रह समा सकते है।
  • पृथ्वी ही ऐसी जगह है, जहां पर पानी ठोस, द्रव, और गैस तीनों अवस्था में पाया जाता है।
  • पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूरब की ओर 1610 किमी प्रति-घंटा की गति से चक्कर लगाती है।
  • ग्रह धरती पर 1 सेकेंड में शो बार और हर दिन में 80.6 लाख बार आकाश की बिजली गिरती है।
  • पृथ्वी पर रोज़ाना 2 लाख बच्चे जन्म लेते है।
  • हमारे ग्रह की सतह का सिर्फ 11% हिस्सा ही कृषि कार्य के योग्य है।
  • अंतरिक्ष में मौजूद कचरे का एक टुकड़ा हर दिन पृथ्वी पर गिरता है। यह अनुमान नासा के वैज्ञानिकों ने लगाया है।
  • पृथ्वी पर ऋतु परिवर्तन, इसकी अक्ष पर झुके होने के कारण होता है।
  • धरती पर ताप का स्रोत केवल सूर्य नही है, बल्कि धरती का अंदरूनी भाग पिघले हुए पदार्थों से बना है जो लगातार इसके अंदरूनी ताप स्थिर रखता है। एक अनुमान के अनुसार इस का अंदरूनी भाग का तापमान 5000 से 7000 डिग्री सैलसीयस है जो कि सूर्य की सतह के तापमान के बराबर है।

धरती पर हर रोज़ 45,00 बादल गरजते…

  • इंग्लैंड की महारानी एलिज़ाबेथ पृथ्वी की सतह की 1/6 हिस्से की क़ानूनन मालकिन है। इसके साथ आपको ये भी बता दे कि यह वही रानी है जिसने कोहिनूर हीरे को अपने सिर पर पहन रखा है।
  • इस धरती पर कुल पानी का सिर्फ 1% ही पीने योग्य है। जिसमें से 0.003 प्रतिशत उपयोग हो चुका है, हम लोग पी चुके है।
  • सूर्य के बाद पृथ्वी का सबसे नज़दीकी तारा प्रॉक्सिमा सेंचुरी है जो धरती से 4.2 प्रकाशवर्ष दूर है।
  • धरती के सारे महाद्वीप आज से 6.5 करोड़ साल पहले एक दूसरे से जुडे हुए थे। वैज्ञानिको का मानना है कि धरती पर कोई उल्का पिंड गिरने जा फिर निरंतर ज्वालामुखियों और ताक़तवर भूकंपों के कारण यह महाद्वीप आपस से अलग होने लगे, इसी कारण धरती से डायनासोर का अंत हुआ था। पहले जब सभी महाद्वीप जुड़े हुए थे इसे विज्ञानिको ने पैंजीया नाम दिया है।
  • अमेज़न के जंगलों को धरती के फेफड़े कहा जाता है, ये जंगल पूरी धरती पर 20 प्रतिशत ऑक्सीजन का निर्माण करते है, ऑक्सीजन गैस पूरी धरती पर जीवन के रहने के लिए महत्वपूर्ण गैस है।
  • मनुष्य के द्वारा सबसे ज्यादा गहराई तक खोदा जाने वाला गड्ढा 1989 में रूस में खोदा गया, जिसकी गहराई 12262 मीटर थी।
  • पृथ्वी के सबसे ऊपरी सतह पर महासागर और महाद्वीप टिके हुए हैं।
  • 450 करोड़ साल पहले, सौर मंडल में मंगल के आकार का एक ग्रह था जो कि पृथ्वी के साथ एक ही ग्रह पथ पर सूर्य की परिक्रमा करता था। मगर यह ग्रह किसी कारण धरती से टकराया और एक तो धरती मुड़ गई और दूसरा इस टक्कर के फलस्वरूप जो पृथ्वी का हिस्सा अलग हुआ उससे चाँद बन गया।
  • इंसानों के द्वारा बनाई गयी 22 हजार से ज्यादा सेटेलाईट पृथ्वी के चक्कर लगा रही है।

90 फीसदी विश्व का कचरा समुद्र में पहुँचता है…

  • आज से 25 करोड़ साल बाद धरती अपनी धुरी पर धीमी गति के कारण 1 दिन 25.5 घंटे का होगा।
  • पृथ्वी की पहली परत का निर्माण सिलिकॉन और एल्युमिनियम धातु की से हुआ है।
  • हमारी धरती आकाशगंगा का एक मात्र ऐसा ग्रह है जहाँ पर टेक्टोनिक प्लेट्स मौजूद है, ये टेक्टोनिक प्लेट्स में कुछ ना कुछ हलचल अवश्य होती रहती है और ये अपनी जगह से खिसकती रहती है, पृथ्वी पर आने वाले लगभग सभी भूकंप इन्हीं टेक्टोनिक प्लेट्स के खिसकने के कारण आते है।
  • समुद्र तल से पृथ्वी की सबसे अधिक ऊंचाई 8,848 मीटर है।
  • लगभग हर साल 30 हज़ार बाहरी अंतरिक्ष के पिंड पृथ्वी के वायुमंडल में दाखिल होते हैं। इनमें से ज्यादातर वायुमंडल के अंदर दाखिल होने पर घर्षण के कारण जलने लगते हैं, जिन्हें हम अक्सर टूटता तारा कहते हैं।
  • पृथ्वी का औसत घनत्व 5.5 ग्राम प्रति घन सेमी है।
  • दुनिया में 40% मौतें पानी, हवा और मिट्टी के प्रदूषण से होती हैं। सिर्फ एयर पॉल्यूशन से हर साल 70 लाख लोगों की मौत हो रही है।
  • कहा जाता है कि सौर मंडल का सबसे चमकीला ग्रह शुक्र है, लेकिन एक खास दूरी से सौर मंडल के सारे ग्रहों को देखने पर पृथ्वी उनमें सबसे चमकीली नजर आएगी।
  • पृथ्वी का औसत तापमान 16 डिग्री सेल्सियस है।
  • धरती पर 99 फीसदी जीवित प्राणी महासागरों में से हैं 2000 जलीय जीवों की प्रजातियों के बारे में हर साल बताया जाता है।
  • पृथ्वी की अनुमानित आयु 4600,000,000 वर्ष है।
  • समुद्र में प्रतिवर्ष 10-12 दुघर्टनाओं का कारण शार्क मछलियां होती हैं। हर साल 100 मिलियन शार्क मारी जाती हैं।
  • वैज्ञानिकों का मानना है कि समुद्री जल जीवन में जितनी प्रजातियां मौजूद हैं उनका कुछ ही प्रतिशत खोजा गया है। अभी बहुत से जल जीवन की प्रजातियां विज्ञान की खोज से बाहर हैं।

मानव द्वारा निर्मित सबसे पुराना धार्मिक स्थल गोबेकली टेप तुर्की में स्थित है। इसका निर्माण 10 हज़ार साल ईसा पूर्व किया गया था…

  • 3.7 बिलियन मील की दूरी से लिया गया पृथ्वी के फोटो का नाम ‘पेल ब्ल्यू डॉट’ है। अभी तक यह सबसे अधिक दूरी से ली गई धरती की तस्वीर है।
  • पृथ्वी यदि अपना घूर्णन बंद कर दे तो शीत युग का आगमन पुनः होने की संभावना है।
  • 150 बिलियन डॉलर कुल लागत है इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन की। यह सबसे अधिक ख़र्चीला प्रोजेक्ट है, जिस पर सबसे ज्यादा राशि खर्च हुई।
  • सूर्य के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव से पृथ्वी परिक्रमा करती है पर अन्य ग्रहों के गुरुत्वाकर्षण के प्रभाव के कारण परिक्रमा की परिधि वृत ना होकर अंडाकार है।
  • 1953 में जब नेशनल हरीकेन सेंटर की शुरुआत हुई तो उसने सबसे पहले तूफान को जो नाम दिया, वह स्त्री संत का नाम था। 1979 में यह पहला मौका आया जब तूफानों में पुरुष नाम भी शामिल किए गए। अब तूफानों के नाम महिलाओं और पुरुषों दोनों के नाम पर होते हैं।
  • किसी वस्तु को पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से बाहर अन्तरिक्ष में भेजने के लिए कम से कम 11.2 कि.मी. प्रति सेकंड की रफ्तार देनी पड़ती है।
  • माउंट एवरेस्ट की ऊंचाई समुद्र स्तर से 8848 मीटर है। लेकिन पृथ्वी के केंद्र से अंतरिक्ष की दूरी देखें तो सबसे ऊंचा पर्वत इक्वाडोर का माउंट चिम्बोराजो है। इसकी ऊंचाई 6310 मीटर है।
  • पृथ्वी से सूर्य की दूरी को एक दूरी का पैमाना माना जाता है जिसे खगोलीय इकाई कहा जाता है।
  • कांच की एक बोतल को पूरी तरह नष्ट करने में 4 हजार से भी ज्यादा साल लगते हैं।
  • धरती पर हर साल 77 लाख लोगों का बोझ बढ़ जाता है।

0 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *