नोवेल कोरोनावायरस (Novel Coronavirus)-
चीन के साथ-साथ पूरी दुनिया में दहशत का माहौल बना रखा है।
इंडिया में भी इस वायरस के संक्रमण से ग्रस्त मामले सामने आ गए है।
भारत में कोरोनावायरस के लक्षण का पहला मामला केरल के एक युवक में पाया गया जो चीन के वुहान विश्व विद्यालय में पढ़ाई करता है।
बीते दिनों अपने घर केरल आया था।

नोवेल कोरोनावायरस

कोरोना वायरस के मामले पूरी दुनिया में पाए गए हैं जिसमें सार्स महामारी वाले लक्षण हैं।
यह महामारी साल 2003 में दो दर्जन से अधिक देशों में फैली थी।
हालांकि इस नए वायरस के कारण होने वाली मौतों की दर बहुत अधिक नहीं है।
इस वायरस को लेकर हर किसी के मन में डर की स्थिति बनी हुई है।
ऐसी स्थिति में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO- World Health Organisation) ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी (Global Health Emergency) घोषित कर दी है।

लिवर की बीमारी के कारण

यहां हम आपको बता रहे हैं कि क्या है ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी?
इसके लिए क्या-क्या कदम उठाए जाते हैं? इसके अलावा ये भी जानें की क्या हैं नोवेल कोरोनावायरस से संक्रमण के शुरुआती लक्षण?
क्या है ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी?
ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी के नाम से भी जाता है।
ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी तब घोषित की जाती है जब किसी बीमारी का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने का खतरा हो।
उसकी रोकथाम के लिए भी ग्लोबल स्तर पर जरूरी कदम उठाए जाने की जरूरत हो।
कोरोनावायरस एक ऐसा वायरस है जिसकी चपेट में पूरी दुनिया तेजी से आ चुकी या आ रही है।
कोरानावायरस के लिए आपात बैठक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा बुलाई गई।
इस बैठक में WHO ने ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने का फैसला किया।

नोवेल कोरोनावायरस से संक्रमण

इमरजेंसी के दौरान कोरोना वायरस के लिए उठाए जाने वाले कदम?

विश्व स्वास्थ्य संगठन दुनियाभर के उन देशों के लिए कदम उठाता है, जो संक्रमण से प्रभावित हैं।
WHO के पास ऐसी परिस्थितियों के लिए आकस्मिक फंड जमा होता है, जिसका इस्तेमाल आपात काल की स्थिति में प्रभावित इलाकों में किया जाता है।
बता दें कि WHO के पास दुनिया के कई देशों से पैसा आता है।
कोरोना वायरस के लिए अभी लगभग 1।8 मिलियन डॉलर (करीब 13 करोड़) का फंड है।

Robin Hood

बचाव के लिए सावधानियां –

  • खांसते या छींकते समय मुंह ढक कर रखें।
  • घर में प्रवेश करते ही तुरंत हाथों को अच्छी तरह धों ले।
  • कुछ भी खाने से पहले सफाई का विशेष ध्यान देने आवश्यक है।
  • बाहर का खाना ना खाए।
  • यदि आप संक्रमित हैं तो घर पर रहें और भीड़ से बचे या दूसरों के साथ संपर्क करें।
  • बार-बार हाथ धोएं।
  • संदिग्ध लक्षणों वाले व्यक्ति को उचित सावधानी बरतनी चाहिए।
  • मॉस्‍क पहनिए और मॉस्क को छूने से पहले अपने हाथों को धो ले।
  • मॉस्क पहनने के बाद या पहनने के दौरान केवल साफ़ हाथों का ही इस्तेमाल करे।
  • बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान दें।
  • याद रखिये साफ़ सफाई आपको कोरोना वायरस हो या कोई और बीमारी सबसे दूर रखती है।
  • एक चिकित्सक से परामर्श लें।

इस खतरनाक संक्रमण का इलाज-

अब तक इस वायरस का कोई तय इलाज नहीं पता चल सका है।
कोरोना वायरस से इलाज करने के लिए कोई टीका भी नहीं है।
क्या है नोवेल कोरोना वायरस (Novel Corona virus )?
इसका पूरा नाम है 2019 नोवेल कोरोना वायरस (2019-nCoV)।
ये नए प्रकार का वायरस है जिसे सबसे पहले चीन के वुहान, हुबेई प्रांत में पाया गया।
पहले कभी इस वायरस की पहचान नहीं की गई थी।
इसलिए इसे नोवेल नाम दिया गया है।

क्या हैं नोवेल कोरोनावायरस के शुरुआती लक्षण?

अब तक जो लक्षण इस वारयस से संक्रमित मरीजों में पाए गए हैं, वे हैं – तेज बुखार, जुकाम (cough) और सांस लेने में दिक्कत।

कैसे फैलता है ये खतरनाक वायरस ?

अब तक इस बारे में भी पुख्ता कुछ कहा नहीं गया है।
लेकिन ऐसी संभावना जताई जा रही है कि इसकी शुरुआत तो जानवरों से हुई।
लेकिन अब इसका संक्रमण इंसानों से इंसानों में भी फैल रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संक्रमित व्यक्ति के छींकने, खांसने से भी ये संक्रमण स्वस्थ व्यक्ति में फैल सकता है।
ठीक वैसे ही जैसे इंफ्लूएंजा फैलता है।

चीन में क्या है हालात इस वायरस से प्रभावित लोगो के ?

चीन में प्रशासन का कहना है कि शनिवार तक 45 और लोगों की मौत के बाद मरने वालों का आंकड़ा 304 पहुंच गया है।
पूरे देश में इसके कारण 2,590 नए लोगों के संक्रमित होने का पता चला है।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के हवाले से सरकारी टीवी का कहना है कि चीन में संक्रमित लोगों की संख्या 14,380 पहुंच चुकी है।
वहीं हॉन्गकॉन्ग विश्वविद्यालय का मानना है कि कुल मामले आधिकारिक आंकड़ों से भी अधिक हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि वुहान में 75,000 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं।

फिलीपींस में नोवेल कोरोना वायरस से मौत का पहला मामला सामने आया-

चीन से बाहर फिलीपींस के शहर में कोरोना वायरस से एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।
फिलीपींस के स्वास्थ्य मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने रविवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नोवेल कोरोना वायरस से ग्रसित वुहान निवासी 44 वर्षीय एक पुरुष की शनिवार को मौत हो गयी है।
डब्ल्यूएचओ फिलीपींस ने एक संवाददाता सम्मेलन के बाद टि्वटर पर लिखा, “ फिलीपींस में 2019 नोवेल कोरोनावायरस तीव्र श्वशन रोग से ग्रसित दूसरे व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है।”
पीड़ित की एक फरवरी को मौत हो गयी थी।
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि दो रोगियों पर नजर रखे हुए थे और दोनों चीन के वुहान निवासी थे जहां से यह जानलेवा कोरानावायरस फैला है।

इसकी रोकथाम के लिए क्या कर रही है भारत सरकार?
भारत सरकार ने एक हेल्प लाइन बनाई है जो रोज़ाना 24 घंटे सक्रिय है।
इस हेल्प लाइन पर लोग इस बीमारी से संबंधित हर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इसके अलावा देश के हर राज्य में इस संक्रमण व लक्षणों पर खास नजर रखी जा रही है।
हेल्प लाइन नंबर है – 91-22-23978046


1 Comment

वायरस का कहर पूरी दुनिया मौत के साये के नीचे खड़ी है बेबस · February 4, 2020 at 5:04 pm

[…] बहुत लोग जानना चाहते हैं कि क्या चीन के वुहान या दूसरे हिस्से जो कि इस वायरस की चपेट में हैं,वहां से निर्यातित माल को छूने से ये वायरस फैल सकता है?लेकिन अब तक ऐसे कोई सबूत सामने नहीं आए हैं जिनके आधार पर ये सिद्ध हो सके, कि वुहान या दूसरे संक्रमित इलाकों से आए सामान को छूने से वायरस फैल सकता है।लेकिन साल 2003 में चीन ने सार्स नामक कोरोना वायरस का सामना किया था जिसने दुनिया भर में 700 से ज़्यादा लोगों की जान ली थी। सार्स के मामले में ये पाया गया था कि अगर आप किसी चीज़ या जगह को छूते हैं।जहां पर संक्रमित व्यक्ति के छींकने या खांसने से वायरस पहुंचा हो तो आप उस वायरस से संक्रमित हो सकते हैं। […]

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