बर्फीले तूफ़ान को पहाड़ी क्षेत्रों की बदतर प्राकृतिक आपदाओं में से एक बताया जाता है।

बर्फानी तूफान आने से पूरे इलाके में बर्फ की मोटी परत जम जाती है जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित होता है.

कैरोलीन डेथ मार्च (Carolean Death March)

स्वीडन के राजा चार्ल्स XII

इस घटना ने स्वीडन को झकझोर कर रख दिया था यह 1719 की एक ऐतिहासिक घटना थी.
इस बर्फीले तूफ़ान ने एक ही रात में हजारो सेनिको और सेकड़ो घोड़ो को मौत के आगोश में सुला दिया था.
1718 में जब स्वीडन और रूस के बीच ग्रेट नॉर्थेर्न वॉर चल रहा था
रूस ने स्वीडन को बुरी तरह पराजित कर उसके पूर्वी हिस्से को अपने कब्जे में ले लिया था
समय के राजा चार्ल्स XII ने यह योजना को अंजाम देने का फैसला किया-

कि यदि स्वीडन नॉर्वे पर आक्रमण करता है तो रूस को मजबूरन शांति सन्धि पर हस्ताक्षार करने होंगे. लेकिन 12 दिसम्बर 1718 को राजा चार्ल्स पर जान लेवा हमला किया गया लेकिन राजा बच गए. और नार्वे में मौजूद सभी स्वीडिश सेना को वापिस स्वीडन कि ओर जाने के आदेश किंग चार्ल्स द्वारा दिए गए.

सेना ने वापिस लौटते वक्त OAF जेले पहाड़ पर रात बिताने के लिए अपना डेरा जमाया
लेकिन वो रात सेना कि आखरी रात साबित हुई.उसी रात एक बहुत ही भयानक बर्फीले तूफ़ान ने ऐसा मौत का तांडव किया. 200 सैनिक इस तूफान में फ्रीज हो गए बहुत सारे घोड़े मरे गए
सेनिको ने खुद को वार्म रखने के लिए हर मुमकिन प्रयास किया लेकिन सिर्फ 600 सैनिक ही बच पाए |

ग्रेट बलिज़्ज़ार्ड ऑफ़ 1888(न्यूयोर्क)

ये बर्फीला तूफान अमेरिका के इतिहास का सबसे भयंकर तुफानो में से एक गिना जाता है
1988 के मार्च महीने की एक शाम को शुरू हुए इस बर्फीले तूफान ने सुबह तक आधे न्यूयोर्क को 11 इंच तक बर्फ से ढक दिया था.
लेकिन बाद में 22 से 23 इंच तक बर्फ को रिकॉर्ड किया गया बही दुसरे क्षेत्रों में ये आकड़ा 40 से 45 इंच तक था.

इस बर्फीले तूफ़ान में करीब 400 लोग मरे गए और 20 मिलियन से अधिक का नुकसान न्यूयोर्क को झेलना पड़ा

बर्फीले तूफ़ान (Schoolhouse Blizzard)1888….

12 जनवरी 1888 के दिन इस बर्फीले तूफान ने अमेरिका के मैदानी इलाको को बर्फ़बारी से ढक दिया
इस भयंकर बर्फीले तूफान को Schoolhouse Blizzard के नाम से जाना गया
ऐसा इसलिए की इस तूफान की चपेट में अधिकतर स्कूल के मासूम बच्चे आये जो उस समय स्कूल में थे.जब तूफान के चलते टीचर्स ने बच्चो को घर भेजना ही बेहतर समझा.
लेकिन घर पहुँचने से पहले तूफान ने बच्चों और कई किसानो को गुमराह कर दिया

इस बर्फीले तूफ़ान में लगभग 230 लोगो के मारे जाने के आकड़े है जिसमे ज्यादातर बच्चे थे.

Hakkoda Mountain Incident 23 January 1902….

हककोड़ा डेथ मार्च की स्मारक प्रतिमा

यह घटना दुनिया की सबसे बड़ी माउंटेन आपदाओं में से एक मानी जाती है
जापान के उन सेनिको के साथ ये घटना तब हुई जब वह उत्तरी होन्शु में स्तिथ हककोड़ा पर्वत जा रहे थे.
उस समय जापान और रूस के मध्य युद्ध चल रहा था
23 जनबरी 1902 को सेनिको की एक यूनिट माउंटेन की ओर चली उनकी मंजिल तशिरो हॉट स्प्रिंग था जो हककोड़ा पर्वत से 20 किलोमीटर दूर था.

जैसे ही टुकड़ी ने Omata टेवा का पर्वत पार किया सेनिको का पूरा दल बर्फीले तूफान की चपेट में आ गया.
इस बर्फीले तूफ़ान में 193 सैनिक मारे गए और बाकी बचे सैनिक पूर्ण रूप से विकलांग हो गए

Armistice Day Blizzard 11/11/1940..

आर्मिस्टिक्स डे बलिज़्ज़ार्ड 11नवंबर 1940 एक ऐसा बर्फीला तूफान था जिसने कई लोगो को बिना चेतावनी के मौत के आगोश में सुला दिया.
11 नवम्बर 1940 को आये इस बर्फीले तूफान ने हज़ारो की संख्या में वत्तख के शिकारियों चंद क्षणो में मार दिया था.
मिसिसिप्पी नदी में शिकारियों का झुंड शिकार में मस्त था
अचानक मौसम ने करवट ली और देखते ही देखते 80 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ़्तार से बर्फीला तूफान शुरू हो गया.

तेज तूफान के कारण नदी में 5 मीटर तक ऊँची लहरें उठी जिसमे कई शिकारी डूब कर मर गए.
बाकी वचे ठण्ड में जम कर दम तोड़ गए, इस तरह यह तूफ़ान अपने साथ 145 ज़िंदगियों को ले गया.

Iran Blizzard बर्फीले तूफ़ान 1972….

इस बर्फीले तूफान को ईरान के इतिहास का सबसे विनाशकारी तूफान माना जाता है
1972 को आये इस तूफान ने बहुत से लोगो की जान तो ली साथ ही बहुत सारी संपत्ति का नुकसान भी किया.
इस तूफान ने ईरान देश की अर्थ व्यवस्था की जड़ो को हिलाकर रख दिया सात दिन तक चले इस बर्फीली हवाओ ने देश को बर्फ की चादर से ढक दिया.
दक्षिण ईरान में 26 फ़ीट से ज्यादा बर्फ गिरने से 50 प्रतिशत से ज्यादा लोग प्रवाहित हुए.
इस तूफान में लगभग चार हज़ार लोगो को अपनी ज़िन्दगी से हाथ धोना पड़ा.
कक्कान(Kakkan) और शेकलाब (Sheklab) जैसे गांव तो पूरे खाली हो गए.

1993 North American Storm Complex…

सीक्लोने (Cyclone)

इस तूफान को देश का सबसे बड़ा बर्फीला तूफान कहा जा सकता है
जिसने उत्तरी अमेरिका के बहुत सारे इलाको को बुरी तरह प्रवाभित किया.
12 मार्च को मेक्सिको की खाड़ी से उठे इस तूफान ने उत्तरी अटलांटिक महासागर में एक बड़ा सीक्लोने पैदा कर दिया
इस सीक्लोने (Cyclone) की बजह से न्यू यॉर्क में ऐसा तूफान उठा जिसने सबकुछ बर्बाद कर दिया.
इसने यॉर्क (York), वेस्ट वर्जिनिआ(west Virginia) और पीटर्सबर्ग (Peters-burg) में 40 इंच तक की बर्फ गिरा दी
इस तूफान ने पूरे महाद्वीप पर कहर बरपाया जिससे कनाडा(Canada) और हुंडरास(Hundras) भी इसकी चपेट में आ गए.
इस महाविनाश को ग्रेट बर्फीले तूफ़ान के नाम से भी जाना जाता है.
208 ज़िंदगियों को ये तूफान निगल गया.

उत्तरी अमेरिका तूफान 1996….

1993 के बाद 1996 में आए इस महा विनाशकारी तूफान ने उत्तरी अमेरिका को अपंग बना कर छोड़ा.
इस तूफान ने उत्तरी अमेरिका के ईस्ट कॉस्ट को चार फ़ीट तक सफ़ेद बर्फ की चादर से ढक दिया.
6 जनवरी को शुरू हुआ ये तूफान दो दिन तक चला और इसने पूरे नार्थ अमेरिका का बहुत बड़ा नुकसान किया.
8 जनबरी तक 31 इंच तक की बर्फ़बारी से यहां फ़िलेडैल्फ़िया(Philadelphia) सबसे ज्यादा प्रवाभित हुआ.
और वेस्ट वर्जिनिआ में 48 इंच तक की बर्फ़बारी रिकॉर्ड की गयी.
67 देशों में से पेनसिलवेनिया में 24 घंटो में तीन इंच तक की बारिश रिकॉर्ड की गयी.
इसके कारण वहां बाढ़ की स्थिति पैदा हो गयी बाढ़ के कारण पेनसिलवेनिया(Pennsylvania)और फ़िलेडैल्फ़िया का एक बिलियन डॉलर का भारी नुक्सान हुआ.
इसी तरह इस बाढ़ ने वेस्ट वर्जिनिआ के कई सार्वजानिक भवनों और निजी संपत्ति को नुकसान पुहंचाया.

चाइनीस विंटर स्टॉर्म्स 2008…..

बर्फीले तूफ़ान
चाइनीस विंटर स्टॉर्म्स 2008

2008 में चीन ने ऐसे बर्फीले तुफानो को सामना किया जिससे चीन की आर्थिक हालत डगमगा गयी.
ये तूफान 25 जनबरी से 6 फरबरी तक चला और बहुत से लोगो को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा.
इससे चीन के अधिकांश हिस्सों में ठंडी हवा का एक बड़ा गुमबद्द छा गया.
जो गुईजोह (Guizhou), हुबेई( Hubei), हुनान( Hunan), जिआंग्क्सी(Jiangxi) और संघाई(Shanghai)जैसे कई इलाको में बारिश और बर्फ़बारी का कारण बना. इस तूफान ने चीन की संपत्ति को भारी नुकसान पुहंचाया लगभग दो लाख 23 हज़ार घर नषट हो गए और 8 लाख 62 हज़ार इमारते ढह गयी. इस तूफान में ठण्ड के कारण 100 से अधिक लोग मरे गए .

बर्फीले तूफ़ान Afghanistan Blizzard 2008…

2008 में चीन की तरह अफगानिस्तान भी विनाश के साये तले था जनवरी में वहां को तापमान माइनस 30 डिग्री से भी नीचे जाने की बजह से पहाड़ी क्षेत्रों में 180 सेंटी मीटर तक की बर्फ गिरी.
इस घातक तूफान ने लगभग 926 लोगो की जान ली और 100 से ज्यादा गंभीर बीमारी से ग्रस्त हो गए और इस तूफान में एक लाख भेड़ बकरियों के साथ कुल तीन लाख 15 हज़ार जानवर मरे गए.


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