लीवर का आयुर्वेदिक इलाज,आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आपको ऐसा आयुर्वेदिक उपाय बता रहे हैं जिससे लिवर की गंदगी को साफ किया जा सकता है।
लीवर हमारी बॉडी का सबसे अहम अंग है और हमारे डाइजेशन में इसकी अहम भूमिका होती है।
दिमाग के बाद लिवर शरीर का दूसरा सबसे बड़ा ठोस अंग है, जो बहुत सारे मुश्किल काम करता है।
लिवर हमारे शरीर में ऐसे सभी कामों को अंजाम देता है, जो अन्य अंगों की ठीक फंक्शनिंग के लिए जरूरी हैं।
यह हमारी बॉडी के लिए कई महत्वपूर्ण काम करता है, जैसे बॉडी में मौजूद टॉक्सिन को बाहर निकालता है।
इसलिए लिवर को हेल्‍दी रखने के लिए हर संभव प्रयास करने चाहिए।
ये नुस्खा लिवर से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए भी सबसे ज्यादा असरदार है।
इससे एक सप्ताह में लिवर पूरी तरह डिटॉक्स हो जाएगा।

लिवर में खराबी के चलते हेपेटाइटिस,फैटी लिवर,लिवर सिरोसिस,एल्कोहॉलिक लिवर डिसीज और लीवर कैंसर जैसी बीमारियां होने लगती हैं।
लिवर से टॉक्सिन को बाहर निकालने के लिए हमें इस नुस्खे के साथ कुछ परहेज भी करना होगा।
आयुर्वेदिक डॉक्टर सुबोध भटनागर का कहना हैं कि ‘लिवर को सबसे ज्यादा प्रभावित बॉडी में मौजूद टॉक्सिन्स करते हैं।
इसलिए लिवर का उपचार करने से पहले रोगी का ब्‍लड साफ होना जरूरी है ताकी लिवर पर जमे दूषित दोष नष्ट हो सके और लिवर का भार कम हो सके।
हमें 7 दिनों के लिए बाहर के जंक फूड को खाना कम करना होगा।
इसके साथ ही खाना खाते वक्त अपना आधा पेट सलाद और सब्जियों से ही भरें।
ऐसा करने से लिवर से टॉक्सिन निकालने वाले नुस्खे से 1 ही बार में गंदगी साफ हो जाएगी।

नींबू से लीवर को डिटॉक्स करे-

नीबू एक डिटॉक्स आहार है जो कि हमारे बॉडी के अंदर की सफाई करने में मदद करता है|
यह आहार अधिकांश रोगो के लिए एक उत्तम इलाज है|
नींबू में विटामिन सी पाया जाता है जो की मुख्य रूप से खट्टे फलों में मिलता है
यह शरीर से विषाक्त पदार्थ को बाहर निकालने में शरीर की सहायता करता है
इसलिए आप सुबह पानी पीने के साथ यदि उसमें थोड़ा सा नींबू का रस मिला लेते हैं
तो आप सुबह-सुबह अपने लीवर को उत्तेजित कर सकते हैं

उसमें उपस्थित विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में लीवर की मदद कर सकते हैं।
नींबू में फाइबर, प्रोटीन, विटामिन सी, ए, बी 1, बी 2, बी 3, बी 5, बी 6 और बी 9, कैल्शियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम पोटेशियम, जस्ता, लोहा, चोलिन, फास्फोरस और कार्बोहाइड्रेट और चीनी की थोड़ी पायी जाती है एंटीऑक्सिडेंट के रूप में, नींबू में मौजूद विटामिन सी आपकी कोशिकाओं को मुक्त कणों से नुकसान से बचाता है।
वजन घटाने के आप नींबू पानी का सेवन करें।
इसके अलावा इसे अपने सलाद, सूप, दाल, उबली हुई सब्जियों में जाेड़ सकते हैं।

लीवर साफ करने के लिए हल्दी का इस्तेमाल-

लीवर का आयुर्वेदिक इलाज
जिगर हमारे शरीर के लिए 500 से भी ज्यादा काम करता है| यह हमारे शरीर में लीवर एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है।इसलिए लीवर की खराबी का पक्का,घरेलु और पूरी तरह से आयुर्वेदिक इलाज़ हम आपके लिए लाए हैं|

हल्दी का उपयोग कर आप लीवर की सफाई बड़े ही आसानी से कर सकते हैं क्योंकि हल्दी जिगर का पसंदीदा मसाला है |
आप हल्दी का इस्तेमाल दाल के साथ या घर में बन रही सब्जियों के साथ करके अपने लिवर को डिटॉक्स कर सकते हैं।
हल्दी कई एंजाइमों की सहायता से लीवर की विषाक्तता को ठीक करने में मदद करती है और शरीर से आहार में पाए जाने वाले विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में लीवर की सहायता करती है।
यह मसाला सभी प्रकार के व्यंजनों में बहुत अच्छा लगता है और आप अपने खाने में हल्दी का सेवन बढ़ा सकते हैं बस आपको इस बात का ध्यान रखना है कि जो हल्दी आप उपयोग करते हैं|

वह उच्च गुणवत्ता वाली हो और उसमें किसी भी प्रकार की मिलावट ना हो क्योंकि हल्दी एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट(Antioxidant) का कार्य करती है
जिसमें रोगों से लड़ने की क्षमता से लेकर लीवर को ठीक करने तक के गुण होते हैं।
हल्दी के सेवन से निम्नलिखित लाभ होते है
-हलके गर्म पानी में हल्दी मिलाकर पीने से दिमाग तेज होता है।
-सुबह के समय हल्दी का पानी पीने से दिमाग तेज और शक्तिशाली बनता है।
-प्रतिदिन आप हल्दी का पानी पीते हैं तो इससे खून में होने वाली गंदगी साफ होती है और खून जमता भी नहीं है।

-यह खून साफ करता है और दिल को बीमारियों से हमारी रक्षा करता है।
-हल्दी के पानी में शहद और नींबू मिलाने से यह शरीर के अंदर जमे हुए विषैले पदार्थों को निकाल देता है और बढ़ती हुई उम्र के प्रवाहो को कम करता है।
-हल्दी में फ्री रेडिकल्स होते हैं जो सेहत और सौर्दय को बेहतर बनाते हैं।
-लीवर की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए हल्दी का पानी किसी दवा से कम नही है।
-पानी और हल्दी के मिले हुए गुण लीवर को इन्फेक्शन से भी बचाते हैं।
-यदि शरीर में किसी भी तरह की सजून है और वह दवाई से ठीक ना हो रही हो तो आप हल्दी वाला पानी का सेवन कर सकते है|

-हल्दी में करक्यूमिन तत्व होता है जो सूजन और जोड़ों में होने वाले दर्द को ठीक कर देता है। सूजन की अचूक दवा है हल्दी का पानी।
-ह्रदय की समस्या से परेशान मनुष्य को हल्दी वाला पानी पीना चाहिए। हल्दी खून को गाढ़ा होने से बचाती है. जिससे दिल अटैक की संभावना कम हो जाती है।
-हल्दी कैंसर की भयानक बीमारी से लड़ती है और उसे बढ़ने से भी रोक देती है।
-हल्दी एंटी.कैंसर युक्त होती है।
-सप्ताह में तीन बार हल्दी वाला पानी पीने से आपको भविष्य में कैंसर के खतरे से बचे रहेंगे।

लीवर को सही करने के लिए रोज लहसुन का सेवन-

लहसुन की छोटी-छोटी पोथियों में लीवर को सक्रिय करने की क्षमता होती है|
जिससे निकलने वाले एंजाइम शरीर में पाए जाने वाले विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं|
यदि लीवर में किसी तरह की समस्या हो जाये तो इससे शरीर कमजोर पड़ने लगता है तथा शरीर में अन्य बीमारियों के होने का खतरा बढ़ जाता है|
लीवर के ख़राब होने का कारण गलत खान-पान,ज़्यादा नमक खाना,धूम्रपान और शराब का सेवन हो सकता है|
लीवर के खराब होने पर खाना पचाने में दिक्कत होती है और साथ ही पेट में दर्द रहने लगता है
लहसुन में अधिक मात्रा में एलिकिन और सेलेनियम पाया जाता है यह दोनों प्राकृतिक योगिक लीवर की सफाई में गुण कारी सिद्ध होते हैं|

अंगूर के सेवन लीवर का आयुर्वेदिक-

विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट दोनों से भरपूर अंगूर और संतरे नींबू जैसे खट्टा फल यकृत की प्राकृतिक सफाई करने के लिए सक्षम हैं|
यह लीवर मैं विषाक्त पदार्थों के एंजाइम का उत्पादन बढ़ाते हैं इसके लिए आपको एक छोटा गिलास ताजा अंगूर के रस का सेवन करना है|
जो कि शरीर से कार्सिनोजेन्स और अन्य विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में बहुत मददगार साबित होता है|
अंगूर में एक विशेष गुण यह भी है कि यह शरीर में मौजूद विषैले पदार्थो को आसानी से शरीर से बाहर निकाल देता है।
यह एक अच्छा रक्त शोधक व रक्त विकारों को दूर करने वाला फल है।
अंगूर को खाने से आंत, लिवर व पचान संबंधी अन्य रोगों, मुंह में कड़वापन रहना, खून की उल्टी होना, गुर्द में कमी,कब्ज, मूत्र की बामारी, अतिसार कृमि रोग, टीबी,अम्ल-पित्त, गुल्म रोग (गांठ) और ग्रहणी आदि रोगों में विशेष लाभकारी सिद्ध होता है।

चुकंदर और गाजर का उपयोग लीवर करे मजबूत-

गाजर और चुकंदर दोनों में ही फ्लेनोनोइड्स और बीटा-कैरोटीन उच्च मात्रा में पाए जाते है|
एक अध्ययन में इस बात की पुष्टि की गई है कि गाजर और चुकंदर का जूस एक साथ मिलाकर पीने से शरीर में ब्लड कैंसर की आशंका को खत्म किया जा सकता है।
गाजर और चुकंदर खाने से पूरे लीवर को उत्तेजित करने में सहायता प्राप्त होती है
जो कि लीवर के संपूर्ण कार्य को सुधारने में मदद करती हैं।
चुकंदर के सेवन से अनेक फायदे है जैसे-
-हृदय स्वास्थ्य को स्वस्थ रखता है|
-उच्च रक्तचाप जो हाई बीपी को कम करने का काम करता है।
-एनीमिया के डर से बचने के लिए आप रोजाना थोड़ी मात्रा में चुकंदर का सेवन कर सकते हैं।

-चुकंदर प्राकृतिक रूप से आयरन का एक बड़ा स्रोत है,
जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं और ऊर्जा के विकास में मदद करता है।
-चुकंदर में कैलोरी की मात्रा कम होती है और इसमें शून्य कोलेस्ट्रॉल होता है|
-बीटरूट हाई फैट वाले भोजन से होने वाली लिवर की क्षति को कम करने में मदद करता है।
-गाजर का ज्यूस लीवर को साफ करता है।
शरीर में पैदा होने वाले विभिन्न तरह के जहर गाजर के रस के उपयोग से बाहर निकल जाते हैं।
गाजर का जूस लीवर को ताकत देकर उसकी काम करने की क्षमता बढ़ाता है।
गाजर का ज्यूस वजन कम करने में भी मदद करता है।

पत्तेदार सब्जी लीवर रोग से होगा बचाव-

लिवर को साफ करने में हमारे सबसे शक्तिशाली सहयोगियों में से एक पत्तेदार हरी सब्जियां होती हैं
इन्हें आप कच्ची, आधी पकी हुई या फिर पूरी तरह पका कर खा सकते हैं|
पत्तेदार सब्जी में क्लोरोफिल की मात्रा उच्च होती है जो कि हमारे रक्त के प्रभाव को बढ़ाकर हमारे शरीर में रक्त के स्तर को बढ़ाती है
और इस प्रकार ब्लड में पाए जाने वाले विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का कार्य करती है|
यह हमारे शरीर में उपस्थित भारी धातु और रसायनों और कीटनाशकों को बेअसर करने में अपनी विशेष क्षमता के कारण यकृत के लिए एक शक्तिशाली सुरक्षा तंत्र प्रदान करती हैं|

कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट के शोधकर्ताओं का कहना है कि कई तरह की सब्जियों में प्राकृतिक रूप से मौजूद इनऑर्गैनिक नाइट्रेट के भरपूर सेवन से लीवर में फैट एकत्रित नहीं होने देता है।
ऐसे में आप लीवर की सफाई अच्छी तरह से हो सके, इसके लिए हरी सब्जियों का सेवन जरूर करें।
इसके लिए आप अपने आहार में पालक सरसों की साग और कासनी जैसी पत्तेदार सब्जियों को अपने डाइट में शामिल कर सकते हैं|
इनको अपनी डाइट में शामिल करने से आपके शरीर में पित्त का स्त्रावण बढ़ जाएगा
जो कि भोजन को पचाने में आवश्यक भूमिका निभाता है
और अंगों और खून से कचरे को बाहर करने में हमारी सहायता करता है।

लीवर को स्ट्रोंग करने के लिए जैतून का तेल-

लीवर को साफ करने के लिए उपयोगी तेल माना जाता है क्योंकि यह एक लिपिड (Lipid) आधार प्रदान करके लीवर की सहायता करता है
जिससे लीवर शरीर से हानिकारक विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में सक्षम होता है
इस प्रकार यह लिपिड आधार प्रदान कर शरीर की सहायता करके बॉडी में हानिकारक पदार्थों को अवशोषित होने से रोकता हैं और यकृत के बोझ को कम करता है।
सुबह नाश्‍ते से पहले एक चम्‍मच जैतून तेल में एक छोटा चम्‍मच नींबू का रस मिला कर पीना चाहिये।
लीवर का आयुर्वेदिक इलाज इसे बनाना काफी आसान है।
जब भी इसे लें, तो शराब, तंबाकू, खराब खान पान से दूर रहें और व्‍यायाम करें।

सेब का सेवन लीवर का आयुर्वेदिक इलाज-

सेब से शरीर के पाचन तंत्र से विषाक्त पदार्थों को साफ किया जा सकता है|
सेव में कुछ रासायनिक घटक पाए जाते हैं जो कि विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने का कार्य करते हैं
एक चम्मच सेब के सिरके को 1 गिलास पानी में मिलाएं और इसका सेवन करें।
1 गिलास पानी में 1 चम्मच सेब का सिरका और 1 चम्मच शहद का भी सेवन कर सकते हैं।
दिन में 2 से 3 बार इस मिश्रण का उपयोग लिवर को साफ करने का सबसे अच्छा तरीका है।
इसलिए जिगर को इन्हें हटाने के लिए अधिक कार्य नहीं करना पड़ता है इस प्रकार यह लीवर को पुनः कार्य में वापस आने के लिए सहायता प्रदान करता है।

अखरोट लीवर का आयुर्वेदिक इलाज-

अमीनो एसिड से उच्च अखरोट लीवर से अमोनिया को बाहर निकालने और लीवर को डिटॉक्सीफाई करने में मदद करता है|
ग्लूटाथिओन और ओमेगा 3 फैटी एसिड में अखरोट उच्च होते हैं जो सामान्य रूप से यकृत की सफाई करने का कार्य करते हैं।

करेले का रस-

करेला भले ही टेस्ट में कड़वा होता है लेकिन करेले का स्वाद भले ही कड़वा हो लेकिन यह लिवर के लिहाज से बहुत गुणकारी होता है।
रोज एक गिलास करेले का जूस पीने से लिवर स्वस्थ रहता है।
यह फैटी लिवर की परेशानी को भी खत्म के लिए रामबाण है|
लीवर का आयुर्वेदिक घरेलु इलाज बेहतर और सस्ता भी है|

ग्रीन टी लीवर का आयुर्वेदिक इलाज-

दूध और अदरक वाली चाय के शौकीन ये बात जान लें कि अगर आप अपने लिवर को स्वस्थ रखना चाहते हैं
तो दूध वाली चाय की जगह ग्रीन टी का सेवन करना शुरू कर दें।
ग्रीन टी में भरपूर मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट होते हैं जो सभी विषैले तत्वों को खत्म करते हैं।
रोज सुबह उठकर 1 कप ग्रीन टी पीनी चाहिए।

साबुत अनाज के फायदे-

साबुत अनाज फाइबर और दूसरे पौष्टिक तत्‍वों से भरपूर है,
यह आसानी से पच भी जाता है।
फैटी एसिड की यह अमूल्य औषधि लीवर के नुकसानदायक टॉक्सिन को तोड़ती है।
बेहतर रिजल्ट्स के लिए आपको प्रोसेस्ड ग्रेन के बजाय होल ग्रेन
और इसके उत्पाद का सेवन करना चाहिए।

इस प्रकार लीवर को साफ करने के लिए खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं|
ऐसे कई प्रकार के खाद्य पदार्थ होते हैं जो यकृत को ठीक से काम करने में मदद कर सकते हैं|
आप इनका सेवन कर अपने लीवर को साफ और फिर से पहले जैसा बना सकते हैं।


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