क्रूर शासक व् उसकी क्रूरता से भरा साम्राज्य विश्व इतिहास में क्रूरता और आतंक का दूसरा नाम मंगोल थे।
13 वीं शताब्दी में, मंगोल शासक परिवार जल्द ही पृथ्वी पर सबसे अमीर और सबसे शक्तिशाली कबीले बन गए।उनका कबीला साम्राज्यों पर आक्रमण करके लूटपाट,महिलाओं का बलात्कार,कत्लेआम सरे आम करते थे।
चंगेज़ खान का नाम हम सबने सुना है और इस बर्बर लड़ाके की क्रूरता और युद्ध कुशलता के किस्से-कहानियों से इतिहास भरा पड़ा है।

4 करोड़ लोगों के खून से रंगे हैं इस क्रूर शासक के हाथ…

13 वीं और 14 वीं सदी में विशाल साम्राज्य खडा करने वाला मंगोल शासक चंगेज खान इतिहास का ‘सबसे बड़ा’ हमलावर था।
इस क्रूर मंगोल योद्धा ने अपने हमलों में इस कदर खूनखराबा किया कि बडी आबादी का सफाया हो गया। आइए जानते हैं इसकी क्रूरता से जुड़े कुछ किस्से।
चंगेज खान मंगोलियाई नाम चिंगिस खान था, वह एक मंगोल खान शासक था।
उसने मंगोल साम्राज्य के विस्तार में एक अहम भूमिका निभाई।
वह अपनी संगठन शक्ति, बर्बरता तथा साम्राज्य विस्तार के लिए प्रसिद्ध हुआ।
इससे पहले किसी भी यायावर जाति के व्यक्ति ने इतनी विजय यात्रा नहीं की थी।

चंगेज खान का जन्म 1162 के आसपास आधुनिक मंगोलिया के उत्तरी भाग में ओनोन नदी के निकट हुआ था।
चंगेज खान की दांयी हथेली पर पैदाइशी खूनी धब्बा था, जिसे देख भविष्यवक्ताओं ने कहा था कि ये बहुत बड़ा शासक बनेगा।
उसका प्रारंभिक नाम तेमुजिन (या तेमूचिन) था।
मंगोल भाषा में तिमुजिन का मतलब लौहकर्मी होता है।
उसकी माता का नाम होयलन और पिता का नाम येसूजेई था।
अपनी पत्नी को छुडाने के लिए उसे कई लड़ाइयां लड़नी पड़ी थी।
येसूजेई ने विरोधी कबीले की होयलन का अपहरण कर विवाह किया था।
लेकिन कुछ दिनों के बाद ही येसूजेई की हत्या कर दी गई।

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बारह वर्ष की आयु में तिमुजिन की शादी बोरते के साथ कर दी गयी।
इसके बाद उसकी पत्नी बोरते का विवाह के बाद ही अपहरण हो गया था।
चंगेज खान ने अपनी तलवार के दम पर समूचे एशिया को जीत लिया था।
वो भारत भी आया, लेकिन सिंधु नदी के तट से दिल्ली के सुल्तान इल्तुमिश के हार मानने के बाद वापस लौट गया।
उसकी योजना थी कि वो भारत को रौंदते हुए भारत के बीच से गुजरे और असम के रास्ते मंगोलिया लौट जाए।

तलवार के दम पर समूचे एशिया को जीत लिया…

लेकिन बीमार होने की वजह से वो सिंधु को पार कर उत्तर की ओर ही लौट गया।
क्रूर शासक चंगेज खान की बात करें, तो उसने अपने जीवन भर की लड़ाइयों में लाखों लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
उसकी निर्दयता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता था कि वो जिधर से निकलता,
वहां थोड़ा सा भी विरोध होने पर आस-पास के इलाकों को भी खून से लथपथ कर देता था।
उसकी इसी निर्दयता के कारण पश्चिम एशिया तक के राजाओं ने उसके सामने हार मान ली।
उसने ईरान की तीन चौथाई आबादी का समूल खात्मा कर दिया था।
कुछ इतिहासकारों का मानना है कि चंगेज के हमले के समय जितनी आबादी पूरे ईरान की थी, उतनी आबादी वापस होने में 750 सालों का लंबा समय लगा।

ऐसे में ये अंदाजा लगाया जा सकता है कि चंगेज खान कितना निर्दयी और क्रूर शासक था।
एक अनुमान के मुताबिक उसने 4 करोड़ लोगों को मौत के घाट उतार दिया।
चंगेज खान के बारे में एक बात और उल्लेखनीय है, और वो है चीन की दीवार को पार कर बीजिंग को लूटना और अपने जीवन के आखिरी समय में इस्लाम धर्म को स्वीकार करना।
चंगेज खान पश्चिमी एशिया विजय के दौरान इस्लाम के संपर्क में आया और उसने इस्लाम स्वीकार कर लिया।
तेमुजिन की अधीनता स्वीकार करने के बाद तमाम कबीलों के राजाओं ने उसे चंगेज खान (समुद्रों के राजा) की उपाधि दी।
चंगेज खान ने ही प्रसिद्ध मंगोल साम्राज्य की नींव डाली।
जिसका पूरी दुनिया के 22 फीसदी इलाके पर कब्जा था।
अपने जीवन का अधिकांश भाग युद्ध में व्यतीत करने के बाद सन् 1227 में उसकी मृत्यु हो गई।

मंगोल क्रूर शासक की अन्य क्रूरताएं…

सेक्स दासी…अक्सर, जब शहरों पर कब्जा कर लिया जाता था, तो महिलाओं को बख्श दिया जाता था
उन्हें मारा नही जाता था पर मंगोलो ने उनके साथ बलात्कार किया और उन्हें उप पत्नी के रूप में लिया गया या गुलामी में बेच दिया गया।
हमेशा मंगोल रीति-रिवाज से, सबसे सुंदर महिलाओं को उनके व्यक्तिगत उपयोग के लिए नेताओं को पेश किया जाता था, चंगेज, उनके बेटे, पोते, या उनके पुरुष रिश्तेदारों में से जो भी उस विशेष अभियान के क्षेत्र में थे।
मंगोल साम्राज्य, वास्तव में, एक निर्दयी जीन-प्रचारक था।
आश्चर्य की बात यह आज भी चंगेज खान के 160 लाख वंशज हैं ।
ताज महल के निर्माण कराने वाला शाहजंहा, वास्तव में चंगेज खान का वंशज था।

क्रूर शासक द्वारा हत्याएं…चंगेज खान ने जोसेफ स्टालिन और एडोल्फ हिटलर की तुलना में अधिक लोगों को मार डाला।
और याद रखें, उन्होंने यह सब भी तब किया जब पृथ्वी की मानव आबादी स्टालिन और हिटलर के सत्ता में रहने की तुलना में बहुत कम थी।
चंगेज खान की सेनाओं ने अनुमानित 40 मिलियन लोगों को मार डाला।
लूटपाट…उनके समाज के प्रत्येक सदस्य को उनके सामूहिक युद्ध-मशीन का हिस्सा बनने के लिए प्रशिक्षित किया गया था, जिनमें से प्रत्येक ने तुरंत लूटपाट करके भागना सीख लिया था।

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