हाथी की तीन अलग-अलग प्रजातियां हैं अफ्रीकी सवाना हाथी, अफ्रीकी वन हाथी और एशियाई हाथी,ऐसी अद्भुत बातें जान कर हैरान रह जाएंगे हम इंसानों की तरह ही लगभग जीवन निर्वाह करते हैं।
हाथी ऐसी आवाजें निकालते हैं जिन्हें हम सुन भी नहीं सकते। उनकी कुछ आवाजें इतनी धीमी होती है, कि वो मानव को सुनाई देने की सीमा से नीचे हैं, और ये अद्भुत जानवर अकेले आवाज़ों से अपने 100 से अधिक विभिन्न दोस्तों को पहचान सकते हैं।
अविश्वसनीय याददाश्त के साथ हाथी अत्यधिक सामाजिक जानवर हैं।
यह उनके बड़े दिमाग के कारण संभव होता है, हाथी के दिमाग का बजन लगभग 5 किलो तक होता है।

एशियाई हाथी
एशियाई हाथी
  • हाथी को को गज़ के नाम से भी जाना जाता है।
  • धरती पर हाथी सबसे संवेदनशील प्राणी है।
  • यह मनुष्य से ज्यादा समझदार और बुद्धिमान माना गया है।
  • हाथी को अत्यधिक परोपकारी जानवर माना जाता है।
  • गज़ संकट के समय में यहां तक की मनुष्य सहित अन्य प्रजातियों की भी मदद करता है।

अरस्तु ने एक बार कहा था कि हाथी “वे जानवर हैं जो मन और बुद्धि की दृष्टि से सभी अन्य जानवरों को पीछे छोड़ देते हैं।

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अगर आपका सामना कभी जंगल में गज़ से हो जाए और बचाव की कोई उम्मीद ना रहें तो आपको गज़ से बचने के लिए पेड़ पर नही चढ़ना चाहिए।
और ना ही किसी चीज के पीछे छुपना चाहिए क्योंकि हाथी की सूंड मे इतनी ताकत होती है कि वह एक झटके में पेड़ को उखाड़कर फेंक सकता है।
सबसे आसान तरीका है कि आपको ज्यादा से ज्यादा ऊँची आवाज़ में चिल्लाना चाहिए।
ऐसा करने से आपके बचने की उम्मीद की जा सकती है।
आइये जानते हैं हाथी के कुछ रहस्य के बारे में जिसे आप में से अधिकांश लोग नही जानते होंगे।

हर साल 12 अगस्त को पूरी दुनिया में ‘हाथी दिवस’ मनाया जाता है, यह दिवस हाथियों के संरक्षण, गैर-कानूनी शिकार और तस्करी रोकने के उद्देश्य से मनाया जाता है।

हाथियों के दाँत के लिए रोज़ लगभग 100 हाथियों की हत्या कर दी जाती है।
एक गज़ के दाँतों का वजन 200 किलो से अधिक तक हो सकता है।
एक आंकड़े के मुताबिक विश्व भर में 4 लाख अफ्रीकी गज़ और 40 हजार एशियन गज़ हैं।
आपने हमेशा देखा होगा कि हाथी दिन भर अपने कान हिलाता रहता है, क्‍या आपने कभी सोचा कि ऐसा क्‍यों?
असल में गज़ अपने विशालकाय शरीर की गर्मी को कानों के जरिये बाहर छोड़ता है।
यह काम गज़ के कानों की कोशिकाएं करती हैं।
यही कारण है कि अफ्रीका के हाथियों के कान बहुत बड़े होते हैं, क्‍योंकि वहां गर्मी ज्‍यादा पड़ती है।
रेलवे की शुरुआत में ट्रेन के डिब्बे को धकेलने, उठाने व माल ढ़ोने के लिए क्रेन की जगह हाथी का इस्तेमाल किया जाता था।

जब बड़ौदा में ट्रेन को खींचने से लेकर माल ढ़ोने तक हाथियों का इस्तेमाल किया गया था।
हाथियों में यौवन अवस्था आमतौर पर 13 या 14 साल की आयु में आ जाती है।
हाथ़ी एक मात्र ऐसा जानवर है, जिसको यौन क्रिया के लिये उत्‍तेजित करने के लिये प्रकृति ने अलग से ग्‍लैंड दिया है।
जिसे “टेंपोरल ग्‍लैंड” कहते हैं, जो कान और आँख के बीच में शरीर के अंदर होता है।
वहीं से हाथ़ी अपनी यौन इच्‍छाओं को नियंत्रित एवं प्रदर्शित करता है।

गज़ लम्बा समय समस्या को सुलझाने में बिता सकते हैं।
वे नयी चुनौतियों का सामना करने के लिए अपने व्यवहार को तदनुसार बदल लेते हैं, यह एक जटिल बुद्धिमत्ता का चिन्ह है।

हाथी

हाथी 150 मील दूर से बारिश का पता लगा सकते हैं।

  • एक हाथी पानी की गंध को 4.5 किलोमीटर की दूरी से सूंघ सकता है, लेकिन आपको बता दे कि हाथ़ी हर मिनट में केवल 2 से बार सांस लेते व छोड़ते हैं।
  • हाथ़ी इकलौता ऐसा जानवर है जो कि कूद नही सकता और जिसके चार घुटने होते है।
  • शेर को भले ही जंगल का राजा कहा जाता है, लेकिन वह गेंडे और गज़ से कभी भी लड़ना नहीं चाहता।
  • प्रत्येक हाथी की गरज़ भी हम मनुष्यों की आवाज की तरह ही अलग अलग होती है। हाल के अध्ययनों से पता चला है कि हाथी जिस आवाज को सुनते हैं, उसकी नक़ल कर सकते हैं।
  • हाथ़ी कभी भी आपस में नही लड़ते। अगर किसी झुंड का एक हाथ़ी मर जाए तो सारा झुंड अजीब-अजीब तरह से गरज़ कर शोक मनाते है।
  • गज़ साफ सुथरा रहना पसंद करते हैं और हर रोज नहाते हैं।

हाथ़ी की आंखों की रौशनी कम होती है, लिहाजा वो अपनी सूँड का इस्‍तेमाल उसी प्रकार करता है,
जिस तरह एक नेत्रहीन व्यक्ति लकड़ी की स्टिक का।
हाथ़ी चलते वक्‍त सूँड से नीचे की ओर फूंकता है, और हवा जमीन से टकरा कर वापस आती है,
उससे उसे आगे की राह का अंदाजा हो जाता है।
हाथ़ी एक बार में अपनी सूँड में करीब 8 से 9 लीटर तक पानी भर सकता है। वो सूँड से 4 कुवंटल तक वजन उठा सकता है।

बाज़ एक शिकारी पक्षी है

हाथ़ी की आंखों की रौशनी बहुत कम होती है।

खास बात यह है कि तेज़ रौशनी में उन्‍हें कम दिखाई देता है और कम रौशनी में ज्‍यादा।
हाथ़ी की आंख की पुतलियां बहुत जल्‍दी सूख जाती हैं, जिस वजह से वो अपनी आंख की पुतलियां हिला नहीं पाता है।
पुतलियां आसानी से हिल सकें, इसके लिये उन्‍हें नम रखना जरूरी होता है,
यही कारण है कि हाथ़ी की आंख में एक तरल पदार्थ की सप्‍लाई होती रहती है,
जो ज्‍यादा होने पर आंख से बाहर निकल आता है, जिसे हम आंसू समझ बैठते हैं।

  • हाथ़ी अपनी सूँड से एक फर्स पर गिरा छोटा सा सिक्का भी उठा सकते हैं।

मादा हाथ़ी हर 4 साल में एक बच्चे को जरूर जन्म देती है।
इसका गर्भकाल औसतन 22 महीने तक का होता है।
एक प्रतिशत मामलों में जुडवाँ बच्चे जन्म लेते हैं।
नव जन्में हाथ़ी की लंम्बाई लगभग 83 सेंटीमीटर और वजन 112 किलो तक का होता है।

  • जवान अफ्रीकी हाथ़ी की लम्बाई 13 फीट तक बढ़ जाती है और भारतीय हाथियों की 10 फीट।
  • जवान अफ्रीकी हाथ़ी का वजन लगभग 60 कुवंटल तक होता है और भारतीय हाथियों का कुवंटल तक।
  • हाथियों का जीवन काल औसतन हम मनुष्यों की तरह 70 से 100 साल तक का ही होता है।
  • जानवरों में हाथियों का दिमाग सबसे बड़ा होता है।
  • हाथ़ी लंम्बे समय तक पानी में तैर सकते हैं।

हाथी आमतौर पर 6 किलोमीटर प्रति घंटा की रफतार से चलते हैं।
इतना विशाल शरीर होने के बावजूद हाथ़ी दिन भर में करीब 15 से 20 किलोमीटर चलते हैं, और सोते सिर्फ 3 से 4 घंटे।
खास बात यह है कि हाथ़ी लेट कर नही ब्लकि खड़े होकर ही सोते हैं।

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हाथी चींटी से क्यों डरता है?

हमें बचपन से बताया जाता है कि अगर एक “चींटी” हाथी की सूँड में घुस जाये,
तो वो मरने की कगार तक पहुंच सकता है, इसीलिये हाथी फूंक-फूंक कर कदम बढ़ाते है।
यह बात सही है, लेकिन इसके आगे भी एक महत्‍वपूर्ण तथ्‍य यह भी है कि अगर हाथी को चींटी, मच्‍छर या मक्‍खी काट ले,
तो उसे घाव हो सकता है, वैसे तो एक हाथी की चमड़ी लगभग एक इंच तक मोटी होती हैं।
लेकिन इसकी त्‍वचा बहुत संवेदनशील होती है।
यही कारण है कि हाथी अपनी त्‍वचा को सूर्य से निकलने वाली अल्‍ट्रा वॉयलेट किरणों से बचाने के लिये मिट्टी में लोटपोट होता रहता है।

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  • हाथ़ी दिन के 16 घंटे सिर्फ खाने में ही बिता देते हैं, ये लगभग एक दिन में 120 किलो तक भोजन खा जाते हैं, खास बात यह है कि जो हाथी ने खाया वो उसका सिर्फ 35 फीसदी ही पचा पाता है, बाकी मलद्वार से बाहर निकल जाता है।
  • मादा हाथी हमेशा झुंड में रहना पसंद करती हैं, इनके झुंड का प्रतिनिधित्व सबसे बूढ़ी हथिनी करती है यानी कि हाथी मातृसत्ता के प्रतीक हैं।
  • हाथी भी मनुष्यों की तरह राइट या लेफ्ट हैंडेड होते हैं।
  • एक हाथ़ी का बच्चा अक्सर आराम के लिए अपनी सूँड चुसता है।
  • हाथ़ी के दाँत उसके जीवन काल के दौरान बढ़ते रहते हैं। अफ्रिकी हाथ़ी के 4 दाँत होते है।

हाथ़ी अपने पैरों का उपयोग सुनने के लिए भी करते हैं। जब हाथ़ी चलते हैं तो ज़मीन में एक विशेष प्रकार का कंपन पैदा होता है,
इस कंपन से हाथी दूसरे हाथियों के बारे में जान लेते हैं।

वैसे तो हाथी बहुत ही शान्त स्वभाव का जीव होता है,
हालांकि चिढ़ाने और परेशान करने पर यह गुस्सैल और खतरनाक हो जाता है,
गुस्सा आने पर यह लोगों की जान तक ले सकते है।
हाथी अपनी बुद्धिमान और वफ़ादारी के लिए जाना जाता है,
क्योंकि यह प्रशिक्षण के बाद अपनी देखरेख करने वालों के सभी संकेतों को भी समझता है।
यह अपने मालिक की आज्ञा का पालन अपनी मृत्यु तक करता है।

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