कर्मों का फल प्रत्येक मनुष्य को इसी जन्म में अवश्य मिलता है

मनुष्य के कर्मों का फल

मनुष्य के कर्मों का फल, जापान में ऐसी किंवदंती है कि एक समय एक स्थान पर दो भाई रहते थे।बड़े भाई की बहू कुछ तीखे स्वभाव की थी।इसलिए उनकी माता छोटे भाई के साथ रहा करती थी।छोटा भाई निर्धन था।उसके घर में खाना पीना भी पर्याप्त नहीं होता था।प्रायः छोटा Read more…

राजकुमारी रोजी की खूबसूरती

राजकुमारी रोजी की खूबसूरती

राजकुमारी रोजी की खूबसूरती की हर जगह चर्चा थी।सुनहरी आंखें, तीखे नयन-नक्श, दूध-सी गोरी काया, कमर तक लहराते बाल सभी सुंदरता में चार चांद लगाते थे।एक बार की बात है, राजकुमारी रोजी को अचानक खड़े-खड़े चक्कर आ गया और वह बेहोश होकर गिर पड़ी।राजवैद्य ने हर प्रकार से रोजी का Read more…

रुरु और सर्प की कहानी

रुरु नामक एक मुनि-पुत्र की अनोखी गाथा

रुरु नामक एक मुनि-पुत्र व् प्रमद्वरा की कहानी, प्राचीन काल की बात है, रुरु नामक एक मुनि-पुत्र था।वह सदा घूमता रहता था। एक बार वह घूमता हुआ स्थूलकेशा ऋषि के आश्रम में पहुंचा।वहां एक सुंदर युवती को देख वह उस पर मोहित हो गया।रुरु को उस अद्भुत सुंदर युवती के Read more…

अनमोल वचन

अनमोल वचन हिंदी में

अनमोल वचन आपके जीवन में ज्ञान, उत्साह एवं हौसला पैदा करेंगे । हर एक विचार अनमोल वचन को ध्यान से पढ़िए और विचार कीजिये, निश्चय ही यह शब्द आपकी ज़िंदगी में एक बड़ा बदलाव और ख़ुशी लेकर आएंगे। प्रथम सत्य वचन “हिंदी में सर्वश्रेष्ठ प्रेरक विचार द्वितीय अनमोल वचन।अनमोल वचन Read more…

शेर ने सिखाया लकड़हारे को दोस्ती का मतलब और बातों के घाव

शेर ने सिखाया लकड़हारे को दोस्ती का मतलब और बातों के घाव

शेर और एक लकड़हारे में गहरी मित्रता थी।बहुत पुरानी बात है।दोनों का मन एक दूसरे के बिना नहीं लगता था। शेर जंगल में रहता था और लकड़हारा गांव में। लकड़हारा लकड़ियां काटकर और उन्हें बेचकर अपनी गृहस्थी चला रहा था। सारे दिन वह जंगल में लकड़ियां काटता था और शेर Read more…

भूत-प्रेत

प्यार ने बनाया भूत

प्यार ने बनाया भूत कहानी एक लड़की की है जो किसी परदेसी को बहुत प्यार करती थी.आज मैं आपको बताने जा रही हूँ मेरे और उस लड़की के बारे में ,कृपया अंत तक पड़े नहीं तो आपको समझ नहीं आएगी.शाम के 5 बज रहे थे उसी वक़्त मेरा मोबाइल बज Read more…

कादरी भूत का सच,और उसकी पत्‍नी का निवास स्‍थान हैं 1930 की बात

आज हम बात करेंगे कादरी भूत और उसके परिवार के बारे में

कादरी भूत 1930 की बात है। एक शाम तीन बजे हम मानकुलम विश्राम घर पहुंचे। मेरे साथ जाफना केन्‍द्रीय कॉलेज के मेरे अध्‍यापक साथी एस जी मान और सैमुअल जैकब थे। हमारी योजना जंगल में शिकार करने की थी। हमारे गाइड चिनइया हमें जंगल के बारे में ता रहा था। Read more…