Giant Dinosaur डायनासोर्स आज से करीब 6 करोड़ साल पहले विलुप्त हो गए थे एक  डायनासोर आज के 12 से 15 हाथियों जितना भारी भरकम होता था और इसीलिए इनका नाम दिया गया था महा दैत्य. क्या उस ज़माने में भी महा दैत्य डायनासोर के दुश्मन थे|

आज के जमाने में तो एक हाथी ऐसा जानवर है जो इतना दबंग है कि कोई भी उसे भिड़ना नहीं चाहता| तो क्या इन महा डायनासॉर के भी उस जमाने में कोई दुश्मन थे?

Giant Dinosaur को डर और खतरा…

आप से पढ़कर हैरान होंगे कि इन महा दानव डायनासोर्स को भी किसी से खतरा था| कुछ ऐसे सांप उस वक्त भी मौजूद थे जिन्होंने दिनोसौर्स की जिंदगी में भी उधम मचा के रखा था|

1987 में जो लॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (Logical Survey of India)के Paleontology के डायरेक्टर धनंजय मोहबे को गुजरात के पंचमहल (Panchmahal) डिस्टिक के ढोली डोंगरी (Dholi Dungri) के एक गांव में नदी के किनारे में कुछ चीजें मिली यह देखने में डायनासोर की फॉसिल्स (Fossils)और उकने अंडे लग रहे थे|

जिसमें डायनासोर (giant Dinosaur)के अंडों के खोल के साथ एक पूरी सांप की हड्डियां मिली मोहबे को यह पता चला कि वह अंडे और हड्डियां डायनासोर्स (giant Dinosaur)की है लेकिन जो फॉसिल्स उसके बाजू में था आखिर वो क्या चीज थी| और करीब 14 वर्षों बाद 2001 में यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन (University of Michigan, USA) के जेफ्फ विल्सन ये सैम्पल्स देखकर हैरान रह गए|

उन्होंने उन हड्डियों को एक-एक करके जोड़ना शुरू किया तो सामने आया एक अजगर जैसा विशाल सांप| इसकी लंबाई 3.5  मीटर यानि 11:30 फ़ीट थी  लेकिन इसमें क्या खास बात थी| 6 करोड़ साल पहले अजगर जैसे सांप की नस्ल ही नहीं होती थी तो यह खोज कर पाना बहुत ही सरप्राइजिंग था|

 उन्होंने इस सांप को नाम दिया Sanajeh Indicus….

 आज के मॉडर्न वर्ल्ड के पाइथन (Paithan) और Boas  जिनकी लंबाई 26 फीट तक हो सकती है| अपने आक्रामक बेहेवियर के लिए जाने जाते हैं सन 2008 में इंडोनेशिया के मुना (Muna)आइलैंड में एक अजगर ने एक 54 साल के एक जिन्दा आदमी को पूरी तरह से निगल लिया था| लोगो ने जब अजगर का फुला हुआ शरीर और उसके पास पड़े हुए चप्पलों को देखा तो समझ गए कि कुछ तो गड़बड़ है और फिर उस पाइथन को मारने के बाद उस बदनसीब व्यक्ति की लाश उस PAITHAN से निकाली गई|

उसी तरह फ्लोरिडा (Florida USA) इसमें भी 11:30 फीट का एक पाइथन जिसका वजन 14 किलो था| उसने पूरे हिरण को निगल लिया था और उस हिरण का वजन 16 किलो था|
यानि उसके खुद से भी ज्यादा बजन के शिकार को निगल जाते हैं इसलिए क्योंकि उनके जबड़े के मसल्स बहुत ही फ्लेक्सिबल होते हैं और उन्हें पूरी तरह से ओपन भी कर पाते हैं कभी सोचा है कि पूरा शिकार निगलने के बाद भी उनका दम क्यों नहीं घुटता इसलिए क्योंकि शिकार निगलते वक्त एक इंट्रेस्टिंग चीज होती है|

सांप अपनी Windpipe यानि सांस लेने वाली नली को बाहर निकाल कर उसे एक स्कूबा डाइवर की तरह यूज करके सांस लेते हैं|

लेकिन यह तो हुए मॉडर्न snake की बातें| मगर जितने खतरनाक आज के बोआस और पाइथन्स है| इनसे भी कई गुना बड़े और भयंकर इनके पूर्वज हुआ करते थे| प्री हिस्टोरिक सांपों के लिए तो आज का स्टार्टर (Starter Snake) भी कुछ नहीं है|
जब करीब 10 से 80 किलोमीटर मीटर वाले चिकसुलूब एस्टेरोइड (Chicxulub Asteroid ) ने पृथवी पर हमला बोला तो सारे डायनासोर्स उससे होने वाले धमाके, पर्यावरण और वायुमंडल को होने वाले नुकसान और खाने-पीने की कमी से विलुप्त हो गए|
जब डायनासोर्स (giant Dinosaur)विलुप्त हो गए तो उनकी जगह 10 मिलीयन साल बाद बड़े सांपों ने जन्म लिया|

उस समय पृथ्वी का तापमान भी 34 से 36 डिग्री था जो कि काफी गर्म था क्योंकि सारे स्नेक्स और रेप्टाइल्स कोल्ड ब्लडेड होते हैं तो यह गर्म तापमान उनके सर्वाइवल और ग्रोथ के लिए बिल्कुल परफेक्ट था| वह गजब के साइज और बजन में ग्रो होने लगे|

उदाहरण के लिए एक दैत्य सांप गिगंटॉफिस (Gigantophis) नामक जो आज के अफ्रीका और साउथ एशिया में पाया जाता था|
वो करीब ३३ फ़ीट लंबे और उनका वजन भयानक 500 किलो का था लेकिन उस जमाने में ऐसा विशाल सांप भी कुछ नहीं था यह दूसरे सांप के सामने|

सर्रेजोंन कोलंबिया (Cerrejon Colombia) के कोल माइन में पुरातत्व विभाग ने कुछ ऐसा डिस्कवर किया

जो जैसे एक खोई हुई दुनिया से मिला था एक विशाल फॉसिल्स (जीवाश्म) था|
जिसका आकार एक लंबे बस की तरह था जब जीवाश्म विज्ञान ने काफी मेहनत से फॉसिल्स को रिक्रिएट किया

जो उनके कैलकुलेशन से वह 50 फीट लंबा 4 फीट चौड़ा और लगभग एक टन से ज्यादा वजनदार निकला| ये आज के अनाकोंडा से लम्बाई में दो गुना और बजन में चार गुना था|
इस सांप को नाम दिया गया तयितानोबोआ | Titanoboa में खतरनाक जकड़ने की शक्ति होती है जो किसी भी क्रोकोडाइलियन या डायनासॉर का दम घुट के मर सकती थी और शिकार की खोपड़ी को खिलौने की तरह तोड़ सकती थी लेकिन मजे की बात तो यह है कि सब विलुप्त गए थे इतने विशाल जीव के शिकार आखिर कौन होते थे


मोएरीथेरियम (Moeritherium)

मोएरीथेरियम (Moeritherium) इनके फेवरेट आहार थे| यह हमारे आज के हाथियों के पूर्वज हुआ करते थे| और यह भी आज विलुप्त हो गए हैं|

लेकिन तयितानोबोआ जहरीला नहीं होता था| जैसे आज के मुख्य मॉडर्न सांप जैसे कोबरा (Cobra), सॉ-स्केल्ड वाईपर (Saw-scaled viper),ब्लैक मांबा (Black Mamba),बांडेड क्रैट (Banded Krait) इत्यादि की तरह ऐसे खतरनाक सांप है|

आज हमारी पृथ्वी पर ऐसे खतरनाक सांप है जिनमें से कुछ का सिर्फ एक बाइट जहर हजारों नहीं बल्कि लाखों चूहों को खत्म करने की क्षमता रखता है|
इसी वजह से सांपो का एवोलुशन वैज्ञानिकों को Human Evolution की स्टडी में भी बहुत मदद कर रहा है|

यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफोर्निया के बिहेवियरल इकोलोजिस्ट (Behavioral Ecologist) लेन इसाबेल (Lane Isabella) के अनुसार सांप ही मैमल्स (Mammals “स्तनधारियों”) के मुख्य शिकारी रहे हैं प्राचीन सदी से और इसीलिए इंसानों को भी इनसे बचने के लिए विकसित होना पड़ा|

क्या आपने कभी नोटिस किया है कि सांप देखना या सांप की तस्वीर देखना आपको दूसरे जानवरों से ज्यादा डरा देता है|
ये इसी लिए कि इंसानों के न्यूरॉन्स पर सांप की एक झलक मात्र स्ट्रांग
और स्थायी प्रभाव डालती है|

91 न्यूरॉन्स में से करीब 40% न्यूरॉन का एवोल्यूशन सांपो के सम्पर्क की वजह से इंसानो में विकसित हुआ| और इसीलिए आज आपकी स्पष्ट और साफ़ दृष्टि के लिए सबसे ज्यादा सांप जिम्मेदार है|


मेडागास्कर (Madagascar) के लेमर्स (Lemurs)

उनकी 2006 की स्नेक डिटेक्शन थ्योरी (Snake Detection Theory) ने यह साबित किया कि मेडागास्कर (Madagascar) के लेमर्स (Lemurs) की Eye Site एकदम पुअर है जो ठीक से विकसित नहीं हुई|

क्यूंकि वहां एवोलुशन के समय उकना संपर्क कभी सांपो से हुआ ही नहीं| कितनी अजीब बात है आज इंसान अपनी आँखों से चाँद तारों और ब्रह्माण्ड की खोज करता है और प्राकर्तिक सुंदरता को निहारता है|
मेरा मानना है कि इसके लिए सांपो को एक धन्यवाद तो बनता है| प्रिय दोस्तों आपकी क्या राय है कमेंट बॉक्स में अपने विचार जरूर लिखें|
धन्यवाद दोस्तों


1 Comment

बाज़ एक शिकारी पक्षी है जो गुरुड़ से छोटा होता है यह माँसाहारी होता है | · September 14, 2019 at 5:13 pm

[…] पक्षी है और इसे शिकागो का भी सिटी बर्ड घोषित किया हुआ है […]

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